- तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में CM स्टालिन के नेतृत्व वाला DMK गठबंधन 181 से 189 सीटें जीत सकता है
- विपक्षी AIADMK के नेतृत्व वाले NDA गठबंधन को 38 से 42 सीटें मिलने और 29 प्रतिशत वोट शेयर की संभावना है
- अभिनेता विजय की पार्टी तमिलगा वेट्री कझगम को 23.9 प्रतिशत वोट शेयर के साथ 8 से 10 सीटें मिलने की संभावना है
तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव को लेकर सियारी पारा हाई है. सभी राजनीतिक दल चुनाव प्रचार में लगे हुए हैं. राज्य में 23 अप्रैल को वोटिंग होगी. इससे पहले प्री-पोल सर्वे में सत्ताधारी DMK गठबंधन के तमिलनाडु विधानसभा चुनाव जीतता दिख रहा है. लोक पोल एजेंसी द्वारा किए गए एक सर्वे में अनुमान लगाया गया है कि मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन के नेतृत्व वाला गठबंधन 234 सीटों में से 181-189 सीटें हासिल करेगा, जिसमें उसका वोट शेयर 40.1 प्रतिशत होगा.
1 मार्च से 1 अप्रैल के बीच किए गए इस सर्वे के अनुसार, विपक्षी AIADMK के नेतृत्व वाले NDA गठबंधन के 38 से 42 सीटें जीतने का अनुमान है, जिसमें उसका वोट शेयर 29% रहेगा. अभिनेता-राजनेता विजय की पार्टी 'तमिलगा वेट्री कझगम' (TVK), जो पहली बार चुनावी मैदान में उतर रही है, 23.9% वोट शेयर के साथ 8-10 सीटें हासिल कर सकती है. NTK और अन्य पार्टियों का कोई खास असर पड़ने की संभावना नहीं है. उनके वोट शेयर 4.9% और 2.1% रहने का अनुमान है.
The most wanted #TamilNadu Survey is Out!
— Lok Poll (@LokPoll) April 1, 2026
Here's the vote share & seat projection from our mega ground survey:
▪️DMK+ 181–189 | 40.1%
▪️ADMK+ 38–42 | 29%
▪️TVK 8–10 | 23.9%
▪️NTK 00 | 4.9%
▪️Others 00 | 2.1%
Sample size:… pic.twitter.com/5CuGQMwKpP
स्टालिन CM पद के लिए सबसे पसंदीदा चेहरा
सर्वे के नतीजों के अनुसार, मुख्यमंत्री पद के लिए एम.के. स्टालिन सबसे पसंदीदा चेहरा थे, उनके बाद विजय और AIADMK के एडप्पादी के. पलानीस्वामी का नंबर आता है.
लोक पोल सर्वे में कहा गया है, 'DMK गठबंधन साफ तौर पर बढ़त बनाए हुए है. इसकी मुख्य वजह उसकी मजबूत कल्याणकारी योजनाएं हैं. इसमें कलाईनार मगलीर उरिमाई थोगई, महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा और नाश्ता योजना शामिल है. इन योजनाओं ने खासकर ग्रामीण और छोटे शहरों की महिलाओं के साथ गहरा जुड़ाव बनाया है, जिससे DMK को एक ठोस बढ़त मिली है.' सर्वे में यह भी कहा गया है कि DMK के लिए सबसे बड़ा फायदा यह है कि विपक्षी दलों के वोट NDA और TVK के बीच बंट गए हैं.
विजय की पार्टी को मिल रहा फायदा
1.17 लाख लोगों पर किए गए एक सर्वे के मुताबिक, विजय की पार्टी को वोटों का अच्छा-खासा हिस्सा मिल रहा है. खास तौर पर युवा वोटरों, पहली बार वोट देने वालों और सरकार से नाराज लोगों का झुकाव विजय की पार्टी की ओर है. हालांकि, सर्वे में यह भी कहा गया है कि यह समर्थन शायद ज्यादा सीटों में न बदल पाए, क्योंकि वे अकेले चुनाव लड़ रहे हैं.
Detailed analysis of each zone in #Tamilnadu that will explain you the seat share numbers better.
— Lok Poll (@LokPoll) April 1, 2026
We have divided it into 4 zones for your understanding. #Election2026#tnelection https://t.co/mIMc14Tf0o pic.twitter.com/DgrNSKCQ5B
AIADMK कर रही मुश्किलों का सामना
सर्वे में कहा गया है, 'एडप्पादी के. पलानीस्वामी के नेतृत्व वाली AIADMK अंदरूनी तौर पर मुश्किलों का सामना कर रही है. पार्टी में फूट, अहम नेताओं का पार्टी छोड़ना और कार्यकर्ताओं का कमजोर मनोबल उसके प्रदर्शन पर असर डाल रहा है.'
पोल ट्रैकर के एक सर्वे में यह भी अनुमान लगाया गया है कि DMK के नेतृत्व वाला गठबंधन भारी बहुमत के साथ सत्ता में बना रहेगा.
इसमें अनुमान लगाया गया है कि सत्ताधारी गठबंधन 172 से 178 सीटें जीत सकता है और उसे कुल वोटों का 42.7 प्रतिशत मिलने की उम्मीद है. AIADMK के काफी पीछे रहने का अनुमान है, जिसे 46 से 52 सीटें मिल सकती हैं.
TVK को 19.2 प्रतिशत वोट शेयर मिलने का अनुमान है, जिसका मतलब है उन्हें 6 से 12 सीटें मिल सकती हैं. NTK को 5.1 प्रतिशत वोट शेयर के साथ 0 से 2 सीटें मिलने की उम्मीद है.
Poll Tracker's #TamilnaduElection2026 survey:
— Poll Tracker (@PollTracker) April 2, 2026
Seats and Vote %:
DMK: 172 - 178 (42.7%)
ADMK: 46 - 52 (30.3%)
TVK: 6 - 12 (19.2%)
NTK: 0 - 2 (5.1%)
OTH: 0 (2.8%)
Verdict: Clear edge for DMK alliance. pic.twitter.com/zc6rDYiWBO
पोल के विश्लेषण से पता चला कि AIADMK और BJP के बीच गठबंधन की वजह से AIADMK के नेतृत्व वाले मोर्चे के खिलाफ अल्पसंख्यक वोटों का एकीकरण हुआ है. इसमें यह भी बताया गया कि मुदलियार, नायडू और मुस्लिम समुदायों सहित कई समुदाय मोटे तौर पर DMK गठबंधन की ओर झुके हुए हैं.
पोल ट्रैकर सर्वे में कहा गया कि लोगों की राय के मामले में, मतदाताओं का एक तबका MK स्टालिन को एडप्पादी के. पलानीस्वामी और विजय की तुलना में ज्यादा जाना-पहचाना और स्थापित नेता मानता है.
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