रणवीर सिंह की नई फिल्म ‘धुरंधर: द रिवेंज' पर बैन की तलवार लटक रही है. अरे आप टेंशन मत लीजिए इस फिल्म के हिंदी नहीं बल्कि तमिल वर्जन अभी मुश्किल में है. दरअसल तमिलनाडु में होने वाले विधानसभा चुनावों को लेकर मद्रास हाई कोर्ट में अपील की गई है कि राज्य में इस फिल्म की रिलीज पर रोक लगाई जाए. रिपोर्ट्स के मुताबिक एक वकील ने मुख्य न्यायाधीश एस. ए. धर्माधिकारी और न्यायमूर्ति जी. अरुल मुरुगन की पीठ के समक्ष मौखिक रूप से इस मामले को उठाया.
उन्होंने तर्क दिया कि फिल्म में राजनीतिक मुद्दों को छुआ गया है और तमिलनाडु में आगामी विधानसभा चुनावों के दौरान आदर्श आचार संहिता लागू होने के कारण इसे नहीं दिखाया जाना चाहिए. राज्य में चुनाव ठीक एक महीने बाद होने हैं, जिसके चलते यह समय विवादास्पद माना जा रहा है.
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कोर्ट ने याचिकाकर्ता को निर्देश दिया कि वे औपचारिक रूप से लिखित याचिका दायर करें और उसके बाद तत्काल सुनवाई की मांग करें. अभी तक कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है और फिल्म की रिलीज पर रोक लगेगी या नहीं, यह याचिका पर आगे की कार्यवाही के बाद तय होगा.
फिल्म निर्देशक आदित्य धर की ये फिल्म 2025 में आई ‘धुरंधर' का सीक्वल है. बता दें कि धुरंधर 2 की तरह ही फिल्म ‘जन नायकन' को भी चुनाव आचार संहिता के कारण सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन ने सर्टिफिकेट देने रोक दिया है और मामला चुनाव आयोग को भेजा गया है.
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तमिलनाडु में राजनीतिक रूप से संवेदनशील कंटेंट पर बढ़ती नजर के बीच यह घटना फिल्म इंडस्ट्री और चुनावी प्रक्रिया के बीच टकराव को दर्शाती है. कोर्ट का अंतिम फैसला अब सभी की नजरों में है.
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