- व्हाट्सएप ने डिजिटल अरेस्ट स्कैम रोकने के लिए जनवरी 2026 से 12 हफ्तों में 9,400 से अधिक अकाउंट बंद किए हैं
- फर्जी अकाउंट मुख्य रूप से दक्षिण‑पूर्व एशिया के कंबोडिया से संचालित हो रहे थे
- व्हाट्सएप ने AI आधारित सिस्टम विकसित कर संदिग्ध अकाउंट की निगरानी और नए स्कैम की पहचान शुरू की है
डिजिटल अरेस्ट स्कैम पर बड़ी कार्रवाई करते हुए व्हाट्सएप ने 9,400 से अधिक अकाउंट बंद कर दिए हैं. कंपनी ने यह जानकारी सुप्रीम कोर्ट को दी है. यह कार्रवाई जनवरी 2026 से शुरू हुए 12 हफ्तों के दौरान की गई. यह जानकारी अटॉर्नी जनरल आर वेंकटरमनी के जरिए सुप्रीम कोर्ट में पेश की गई. फिलहाल सुप्रीम कोर्ट डिजिटल अरेस्ट से जुड़े मामलों की सुनवाई कर रहा है.
विदेश से संचालित हो रहे थे फर्जी अकाउंट
व्हाट्सएप की जांच में ये सामने आया कि कई फर्जी अकाउंट दक्षिण‑पूर्व एशिया, खासकर कंबोडिया से संचालित किए जा रहे थे. ठग दिल्ली पुलिस, सीबीआई और एटीएस जैसी एजेंसियों के नाम और सरकारी लोगो का इस्तेमाल कर लोगों को डराते थे, जिससे पीड़ितों को लगता था कि उनसे कोई सरकारी एजेंसी संपर्क कर रही है और वे पैसे ट्रांसफर करने के लिए मजबूर हो जाते थे.
स्कैम रोकने के लिए सख्त कदम
इन स्कैम को रोकने के लिए व्हाट्सएप ने कई नए कदम उठाए हैं. कंपनी ने फर्जी लोगो पहचानने वाला सिस्टम तैयार किया है और संदिग्ध नाम वाले अकाउंट की निगरानी तथा नए स्कैम तरीकों की पहचान के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का इस्तेमाल शुरू किया है. इसके साथ ही स्कैम से जुड़े डेटा का एक बड़ा डेटाबेस भी बनाया गया है.
सरकारी एजेंसियों से मिला इनपुट
व्हाट्सएप ने बताया कि उसे इंडियन साइबर क्राइम कॉर्डिनेशन सेंटर, इलेक्ट्रॉनिक एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय और दूरसंचार विभाग से इनपुट मिले थे. सरकारी एजेंसियों ने करीब 3,800 अकाउंट की पहचान की थी, जबकि कंपनी की जांच में इससे कहीं बड़ा नेटवर्क सामने आया. यह मामला अक्टूबर 2025 में सामने आया था, जब एक बुजुर्ग दंपत्ति से नकली अदालत आदेश दिखाकर करीब 1.5 करोड़ रुपये ठग लिए गए थे. इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेते हुए सीबीआई को जांच के निर्देश दिए.
सीबीआई और RBI की भूमिका
कोर्ट में दी गई जानकारी के अनुसार, सीबीआई ने 10 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी वाले तीन मामलों को दोबारा दर्ज किया है. इनमें से एक मामला दिल्ली का है, जिसमें एक व्यक्ति से 22.92 करोड़ रुपये की ठगी की गई. इस बीच भारतीय रिज़र्व बैंक ने डिजिटल फ्रॉड के मामलों में पीड़ितों को राहत देने के लिए नए नियमों का प्रस्ताव भी दिया है, जिसमें छोटे मामलों में आंशिक मुआवजे की बात कही गई है.
सिम कार्ड ब्लॉक करने के निर्देश
सुप्रीम कोर्ट ने सभी एजेंसियों को मिलकर काम करने और ऐसे साइबर अपराधों पर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं. कोर्ट ने यह भी कहा है कि संदिग्ध सिम कार्ड को जल्द से जल्द ब्लॉक किया जाए, ताकि इस तरह की ठगी को समय रहते रोका जा सके.
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