विज्ञापन
This Article is From Nov 12, 2025

दिल्ली ब्लास्ट के तुर्की तक जुड़े तार, जैश के आकाओं से मिले थे डॉ उमर और डॉ मुजम्मिल- सूत्र

Delhi Blast Case: दिल्ली लाल किला बम धमाका मामले में NIA ने स्पेशल 10 की टीम का गठन किया है, जो घटना की तह तक जाने का काम करेगी. IPS विजय सखारे संभालेंगे टीम की कमान.

दिल्ली ब्लास्ट के तुर्की तक जुड़े तार, जैश के आकाओं से मिले थे डॉ उमर और डॉ मुजम्मिल- सूत्र
  • दिल्ली कार ब्लास्ट में आरोपी डॉक्टर उमर और मुजम्मिल शकील तुर्की जाकर जैश-ए-मोहम्मद के हैंडलर्स से मिले थे
  • NIA ने दिल्ली कार ब्लास्ट की जांच तेज करते हुए तुर्की यात्रा को मॉड्यूल मजबूत होने का कारण माना है- सूत्र
  • 10 नवंबर को लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास हुए विस्फोट में 12 लोगों की मौत हुई और कई घायल हुए थे

हरियाणा, यूपी के बाद अब दिल्ली ब्लास्ट के तार तुर्की तक जुड़ते नजर आ रहे हैं. जिस डॉक्टर मोहम्मद उमर नबी पर विस्फोट वाली कार चलाने का शक है और जिस गिरफ्तार डॉक्टर मुजम्मिल शकील के ठिकानों से 2900 किलो विस्फोटक मिले थे, दोनों जैश-ए-मोहम्मद के हैंडलर्स से मुलाकात करने के लिए तुर्की भी गए थे. राष्ट्रीय जांच एजेंसी यानी NIA ने दिल्ली कार ब्लास्ट की जांच तेज कर दी है और इस बीच सूत्रों के हवाले से तुर्की वाला यह नया एंगल सामने आया है.

सूत्रों ने बताया कि जांचकर्ताओं के अनुसार ‘‘सफेदपोश आतंकी मॉड्यूल'' के सदस्यों की तुर्की यात्रा को इनके मजबूत होने का अहम कारण माना जा रहा है. तुर्की से लौटने के बाद इस मॉड्यूल ने अपने नेटवर्क को पूरे देश में फैलाने का निर्णय लिया. डॉ. मुज़म्मिल ने फरीदाबाद में अल- फलहा मेडिकल कॉलेज ज्वॉइन किया.

गौरतलब है कि 10 नवंबर की शाम दिल्ली के लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास विस्फोटकों से लदी कार में हुए विस्फोट में 12 लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए थे. पुलवामा का डॉक्टर मोहम्मद उमर नबी अल-फलाह यूनिवर्सिटी में असिस्टेंट प्रोफेसर था. ऐसा संदेह है कि विस्फोटकों से लदी हुंडई i20 वही चला रहा था.

यह विस्फोट यूनिवर्सिटी से जुड़े तीन डॉक्टरों सहित आठ लोगों को गिरफ्तार करने और 2,900 किलोग्राम विस्फोटक जब्त करने के कुछ घंटों बाद हुआ, जिसमें जैश-ए-मोहम्मद और अंसार गजवत-उल-हिंद से जुड़े एक ‘‘सफेदपोश आतंकी मॉड्यूल'' का खुलासा हुआ, जो कश्मीर, हरियाणा और उत्तर प्रदेश तक फैला हुआ था. गिरफ्तार लोगों में शामिल डॉ. मुजम्मिल गनई अल-फलाह यूनिवर्सिटी में पढ़ाता था.

NIA ने जांच के लिए टीम गठित की, एडीजी विजय साखरे को कमान

 एक नई टीम का भी गठन किया है. केंद्रीय गृह मंत्रालय ने मंगलवार को NIA को जांच सौंपी थी और अब एडीजी विजय साखरे के नेतृत्व में पूरी टीम काम करेगी. NIA ने यह स्पेशल टीम 10 अफसरों की तैयार की है. इसमें आईजी , दो डीआईजी और तीन एसपी और बाकी डीएसपी स्तर के अधिकारी शामिल हैं. 

जांच के लिए NIA की टीम दिल्ली पुलिस, जम्मू कश्मीर पुलिस और हरियाणा पुलिस से जैश- ए- मोहम्मद के इस टेरर मॉड्यूल की तमाम केस डायरी अपने कब्जे में लेगी. यूपी एटीएस से भी सहयोग लिया जाएगा. आतंकी डॉक्टरों के इस मॉड्यूल से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जाएगी. फरीदाबाद आतंकी मॉड्यूल की फंडिंग और ऑपरेशन के मास्टरमाइंड को भी उजागर करने की चुनौती एनआईए के सामने होगी.

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Delhi Blast, Delhi Blast Case, Delhi Red Ford Car Blast
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com