विज्ञापन

'कसाई बन गए थे...', दिल्ली पुलिस ने IB ऑफिसर की हत्या के दोषी ताहिर हुसैन के लिए मांगी मौत की सजा

ताहिर हुसैन के वकील ने कहा कि मौत की सजा का नियम हर मामले में लागू नहीं होता. कोर्ट ने 91 गवाहों के बयान दर्ज किए थे, जिसके बाद 11 में से सिर्फ 5 आरोपियों को कोर्ट ने दोषी ठहराया.

'कसाई बन गए थे...', दिल्ली पुलिस ने IB ऑफिसर की हत्या के दोषी ताहिर हुसैन के लिए मांगी मौत की सजा
फाइल फोटो
PTI
  • दिल्ली पुलिस ने अंकित शर्मा की हत्या के मामले में ताहिर हुसैन और सह-दोषियों के लिए फांसी की सजा मांगी है
  • पुलिस ने बताया कि यह हत्या सोची-समझी साजिश के तहत की गई और अपराधी अत्यंत बेरहम और निर्दय थे
  • अंकित शर्मा के शरीर पर 51 घाव थे, जिनमें से सात घाव जानलेवा और साजिश की बेरहमी दिखाता है
नई दिल्ली:

आईबी अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या के मामले में दिल्ली पुलिस ने दोषी ताहिर हुसैन और उसके सह-दोषियों के लिए अदालत में फांसी की सजा की मांग की है. पुलिस ने बताया कि वारदात को सोची समझी साजिश के तहत अंजाम दिया गया था. दिल्ली पुलिस ने कहा कि जुर्म बहुत ही घिनौना और बेरहम है. यह एक बेरहमी से किया गया मर्डर था. ये लोग जुर्म के दौरान कसाई बन गए थे. 

कड़कड़डूमा कोर्ट ने कहा है कि इस मामले की अगली तारीख 31 जुलाई है. इस मामले में 31 जुलाई को सजा सुनाई जाएगी.

दिल्ली पुलिस ने कहा कि यह ऐसा केस है जहां अपराधी जानवर बन गए थे. अंकित की मौत के बाद भी उस पर हमला किया गया और गर्दन के अलावा उसके शरीर पर कोई कपड़ा नहीं था.

दिल्ली पुलिस ने कहा कि उनका जुर्म ऐसा है कि उसे माफ नहीं किया जा सकता, उन्हें मौत की सजा मिलनी चाहिए. पुलिस ने कहा कि अंकित शर्मा को बुरी तरह टॉर्चर किया गया था. उनके शरीर पर 51 घाव थे.

पुलिस ने अदालत को बताया कि अंकित शर्मा के बॉडी पर 7 घाव ऐसे थे जिनसे मौत हो सकती थी, 16 घाव धारदार हथियारों से किए गए थे. ऐसे हथियारों का इस्तेमाल जुर्म के बेरहम नेचर को दिखाता है. इन लोगों को मौत की सजा मिलनी चाहिए. यह एक कोल्ड ब्लडेड मर्डर था और इसे जानबूझकर प्लान किया गया था.

ताहिर के वकीलों ने क्या दलील दी?

ताहिर हुसैन के वकील ने कहा कि मौत की सजा सिर्फ रेयरेस्ट ऑफ रेयर मामलों में ही दी जानी चाहिए. ताहिर हुसैन उस जगह पर मौजूद नहीं था जहां अंकित की हत्या हुई थी. ताहिर अंकित की हत्या की साजिश में शामिल नहीं था.

ताहिर हुसैन के वकील ने कहा कि सिर्फ लगी चोटों के आधार पर मौत की सज़ा तय नहीं की जा सकती. कस्टडी के दौरान जेल में उसका व्यवहार अच्छा था. ताहिर हुसैन के वकील ने कहा कि मौत की सजा का नियम हर मामले में लागू नहीं होता.

कोर्ट ने 91 गवाहों के बयान दर्ज किए थे, जिसके बाद कोर्ट ने 11 में से सिर्फ़ 5 आरोपियों को दोषी ठहराया. ताहिर हुसैन के वकील ने कहा कि पूरे ट्रायल के दौरान, कोर्ट के सामने क्रिमिनल साज़िश (IPC सेक्शन 120B के तहत) का कोई सबूत पेश नहीं किया गया.

ताहिर हुसैन के वकील ने कहा कि पुलिस खुद हिंसक भीड़ को कंट्रोल नहीं कर पाई और ऐसे में किसी एक व्यक्ति को हत्या के लिए जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता.

ताहिर हुसैन के वकील ने कहा कि पूरे ट्रायल के दौरान, कोर्ट के सामने क्रिमिनल कॉन्सपिरेसी (IPC सेक्शन 120B के तहत) का कोई सबूत पेश नहीं किया गया. ताहिर हुसैन के वकील ने कहा कि पुलिस खुद हिंसक भीड़ को कंट्रोल नहीं कर पाई, और ऐसे में किसी एक आदमी को मर्डर के लिए जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता.

यह भी पढ़ें: 91 गवाह, CCTV, मोबाइल लोकेशन और FSL रिपोर्ट; ताहिर हुसैन के खिलाफ दिल्ली पुलिस ने कैसे बनाया मजबूत केस

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Tahir Hussain, Tahir Hussain 2020 Delhi Riots
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com