किसान आंदोलन के दौरान लाल किले पर हुई हिंसा के मामले में दीप सिद्धू और अन्य के खिलाफ दिल्ली पुलिस (Delhi Police) ने सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की है. मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट गजेंद्र सिंह नागर नए आरोप-पत्र पर संज्ञान लेने के बिंदु के बारे में 19 जून को दोपहर दो बजे आदेश पारित करेंगे. अदालत ने कहा, ‘‘मामले के जांच अधिकारी ने उन प्रत्यक्षदर्शियों के नाम का जिक्र किया है जो हिंसा में गंभीर रूप से घायल हुए या जिनसे हथियार छीने गए.''मामले की जांच अपराध शाखा कर रही है]उसने 17 मई को 3,224 पन्नों का आरोप-पत्र दायर किया था और सिद्धू समेत 16 आरोपियों के खिलाफ मामला चलाने का अनुरोध किया था. हिंसा के मुख्य साजिशकर्ता सिद्धू को 9 फरवरी को गिरफ्तार किया गया था.पुलिस ने उस पर लाल किले में हंगामे को भड़काने का भी आरोप लगाया .
दिल्ली पुलिस किसानों को भेज रही नोटिस, दुविधा में किसान - खेती करें या पुलिस थानों के चक्कर लगाएं
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26 जनवरी के लाल किला हिंसा मामले (Republic Day violence case) में दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने इससे पहले, पिछले माह चार्जशीट दाखिल की थी. तीस हजारी कोर्ट में दाखिल की गई इस चार्जशीट में दीप सिद्धू समेत करीब 16 लोगो को आरोपी बनाया गया था.पुलिस ने लालकिला परिसर में तोड़फोड़ किए जाने की घटना को ‘‘राष्ट्र विरोधी गतिविधि'' करार दिया था. ‘फॉरेंसिक विशेषज्ञों की एक टीम ने घटना के बाद लालकिले का दौरा किया था और साक्ष्य एकत्रित किए थे.
केंद्र सरकार के तीन विवादास्पद कृषि कानूनों को निरस्त किए जाने की मांग को लेकर 26 जनवरी को किसान संघों द्वारा आयोजित ट्रैक्टर परेड के दौरान हजारों प्रदर्शनकारी पुलिस से भिड़ गए थे. कई प्रदर्शनकारी ट्रैक्टर चलाते हुए लाल किले तक पहुंच गए थे और इस ऐतिहासिक स्मारक में घुस गए थे. इस दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों ने लाल किले के ध्वजस्तंभ पर एक धार्मिक झंडा भी फहराया था. ट्रैक्टर रैली के दौरान किसानों की लाल किले सहित राजधानी दिल्ली के कई स्थानों पर पुलिस के साथ झड़प हुई थी. (भाषा से भी इनपुट)
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