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This Article is From Jan 12, 2026

उच्च शिक्षा का अधिकार आसानी से छीना नहीं जा सकता: दिल्ली हाईकोर्ट की बड़ी टिप्पणी

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि उच्च या प्रोफेशनल शिक्षा पाने का अधिकार हल्के में नहीं छीना जा सकता.

उच्च शिक्षा का अधिकार आसानी से छीना नहीं जा सकता: दिल्ली हाईकोर्ट की बड़ी टिप्पणी
  • दिल्ली HC ने कहा कि छात्रों को उच्च या प्रोफेशनल शिक्षा पाने का अधिकार हल्के में समाप्त नहीं किया जा सकता
  • कोर्ट ने सरकार पर सकारात्मक जिम्मेदारी डाली है कि वह छात्रों को शिक्षा का अधिकार सुनिश्चित करे
  • कोर्ट ने कहा कि बिना ठोस और वैध कारणों के छात्रों के एडमिशन रद्द करना उचित नहीं है
नई दिल्ली:

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा है कि छात्रों को उच्च या प्रोफेशनल शिक्षा पाने का अधिकार हल्के में खत्म नहीं किया जा सकता. कोर्ट ने यह अहम टिप्पणी उस समय की जब एक मेडिकल छात्र ने अपनी MBBS एडमिशन कैंसिल होने के खिलाफ याचिका दायर की थी. जस्टिस जसमीत सिंह की सिंगल बेंच ने कहा कि भले ही संविधान में उच्च शिक्षा का अधिकार मौलिक अधिकार के रूप में स्पष्ट रूप से दर्ज नहीं है, लेकिन सरकार पर यह सकारात्मक जिम्मेदारी है कि वह इस अधिकार को सुनिश्चित करे. कोर्ट ने साफ किया कि बिना ठोस और वैध कारणों के इस अधिकार को खत्म करना उचित नहीं है.

मामला NEET-UG 2024 परीक्षा से जुड़ा है. याचिकाकर्ता ने ऑल इंडिया रैंक 28,106 हासिल कर ओडिशा के भीमा भोई मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में MBBS कोर्स में एडमिशन लिया था. लेकिन बाद में नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (CBI) से मिली जानकारी के आधार पर उसका रिजल्ट वापस ले लिया और एडमिशन रद्द कर दिया.

कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि छात्र ने मेरिट के आधार पर ओपन एंट्रेंस एग्जाम के जरिए एडमिशन लिया था. ऐसे में एडमिशन कैंसिल करने से उसकी पढ़ाई और करियर पर गंभीर असर पड़ेगा. जस्टिस सिंह ने कहा कि सरकार का दायित्व है कि छात्रों को प्रोफेशनल एजुकेशन जारी रखने का अधिकार मिले और इसे हल्के में खत्म नहीं किया जा सकता.

हाईकोर्ट ने यह भी कहा कि उच्च शिक्षा का अधिकार भले ही संविधान के भाग-III में मौलिक अधिकार के रूप में दर्ज नहीं है, लेकिन यह राज्य की जिम्मेदारी है कि वह इस अधिकार को सुरक्षित रखे. कोर्ट ने सरकार को चेताया कि छात्रों के भविष्य को प्रभावित करने वाले फैसले लेने से पहले ठोस और वैध कारण होना जरूरी है.

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