दिल्ली HC ने कहा कि छात्रों को उच्च या प्रोफेशनल शिक्षा पाने का अधिकार हल्के में समाप्त नहीं किया जा सकता कोर्ट ने सरकार पर सकारात्मक जिम्मेदारी डाली है कि वह छात्रों को शिक्षा का अधिकार सुनिश्चित करे कोर्ट ने कहा कि बिना ठोस और वैध कारणों के छात्रों के एडमिशन रद्द करना उचित नहीं है