- PM मोदी उत्तराखंड में 12,000 करोड़ रुपये की लागत से बने दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का उद्घाटन करेंगे
- डाट काली मंदिर के नीचे बनी 370 मीटर लंबी सुरंग से मंदिर की संरचना को कोई नुकसान नहीं पहुंचेगा
- 213 किलोमीटर लंबा छह लेन वाला एक्सप्रेसवे 10 इंटरचेंज, 4 पुल और 3 रेलवे ओवरब्रिज सहित बनाया गया है
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे में 'इंजीनियरिंग की चुनौती और शक्ति की भक्ति' भी देखने को मिलेगी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 'डाट काली मंदिर' के नीचे बनी सुरंग से गुजरकर कॉरिडोर का लोकार्पण करेंगे. प्रधानमंत्री मोदी आज उत्तराखंड से करीब 12,000 करोड़ रुपये की लागत से बने दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का उद्घाटन करेंगे. इसके अलावा प्रधानमंत्री देहरादून में एक जनसभा को संबोधित करेंगे और देहरादून के पास उत्तर प्रदेश की सीमा पर स्थित सिद्धपीठ मां डाट काली मंदिर में दर्शन एवं पूजा भी करेंगे. पीएम मोदी मंदिर से देहरादून के गढ़ी कैंट में स्थित जसवंत ग्राउंड तक 12 किलोमीटर लंबा रोड शो भी करेंगे.
बड़ी चुनौती थी मंदिर के नीचे सुरंग बनाना
सुरंग का निर्माण इस तरह किया गया है कि प्राचीन मंदिर की संरचना को कोई नुकसान न पहुंचे, जो अपने आप में एक बड़ी चुनौती थी. अब तक डाट काली मंदिर के पास संकरा रास्ता होने के कारण घंटों जाम लगता था, यह सुरंग उस पुराने बॉटलनेक (अवरोध) को पूरी तरह खत्म कर देगी. सुरंग के भीतर सीसीटीवी कैमरे, फायर फाइटिंग सिस्टम और एडवांस ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम लगाया गया है, ताकि आपात स्थिति में तुरंत मदद मिल सके.
213 km एक्सप्रेसवे में 10 इंटरचेज, 4 पुल और 3 रेलवेब्रिज
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे से जुड़े अधिकारियों ने बताया कि 213 किलोमीटर लंबा, छह लेन वाले दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे बनाने में बिना कोई रुकावट हाई स्पीड कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने के लिए 10 इंटरचेंज, तीन रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी), चार प्रमुख पुल और सड़क किनारे 12 जन सुविधाओं का निर्माण भी शामिल है.
अधिकारियों के मुताबिक, इस क्षेत्र की पारिस्थितिक संवेदनशीलता, समृद्ध जैव विविधता और वन्यजीवों को ध्यान में रखते हुए इस गलियारे को कई विशेषताओं के साथ डिजाइन किया गया है, जिनका उद्देश्य मानव-वन्यजीव संघर्ष में अत्यधिक कमी लाना है.
दो हाथी अंडरपास, डाट काली मंदिर के पास 370 मीटर लंबी सुरंग
प्रोजेक्ट से जुड़े अधिकारियों ने बताया कि जंगली जानवरों की आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए, परियोजना में वन्यजीव संरक्षण के लिए कई विशेष सुविधाएं शामिल की गई हैं, जिनमें 12 किलोमीटर लंबा वन्यजीव एलिवेटेड कॉरिडोर शामिल है, जो एशिया के सबसे लंबे कॉरिडोर में से एक है. अधिकारियों के अनुसार, कॉरिडोर में आठ पशु मार्ग, 200 मीटर लंबे दो हाथी अंडरपास और डाट काली मंदिर के पास 370 मीटर लंबी सुरंग भी शामिल है. उन्होंने बताया कि दिल्ली-देहरादून आर्थिक गलियारा प्रमुख पर्यटन और आर्थिक केंद्रों के बीच संपर्क बढ़ाकर और पूरे क्षेत्र में व्यापार और विकास के नए रास्ते खोलकर क्षेत्रीय आर्थिक विकास को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा.
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