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अमेरिका-ईरान दो दिन बाद करेंगे दूसरे राउंड की वार्ता, क्या फिर से इस्लामाबाद में होगी बैठक या अब नई लोकेशन?

अमेरिका और ईरान इस्लामाबाद या जिनेवा में दूसरे दौर की वार्ता के लिए सहमति बनाने की कोशिश कर रहे हैं. राष्ट्रपति ट्रंप ने इशारा किया है कि दूसरी तरफ से समझौता करने की इच्छा जताई गई है, वार्ता की तैयारी तेज है।

अमेरिका-ईरान दो दिन बाद करेंगे दूसरे राउंड की वार्ता, क्या फिर से इस्लामाबाद में होगी बैठक या अब नई लोकेशन?

अमेरिका-ईरान के बीच इस्लामाबाद में हुई पहली दौर की बातचीत भले ही बेनतीजा रही हो, लेकिन दूसरे दौर की बातचीत के लिए मंच तैयार करने की कोशिशें जारी हैं. इस बीच अमेरिका और ईरान एक बार फिर आमने-सामने बैठने की तैयारी कर रहे हैं. इस संभावित दूसरे राउंड का मकसद पिछले छह हफ्तों से चल रही जंग को स्थायी रूप से रोकना है, क्योंकि मौजूदा युद्धविराम अगले हफ्ते खत्म होने वाला है. एसोसिएटेड प्रेस ने अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से दावा किया है कि दोनों पक्ष समझौते तक पहुंचने के लिए एक और वार्ता करना चाहते हैं.

इस कूटनीतिक हलचल के बीच, मध्यस्थता कर रहे एक देश के राजनयिक ने तो यहां तक दावा किया है कि तेहरान और वॉशिंगटन के बीच अगली बैठक के लिए सहमति बन चुकी है. हालांकि अभी तक आधिकारिक तौर पर इसकी घोषणा नहीं की गई है, लेकिन पर्दे के पीछे की तैयारियां तेज हैं.

व्हाइट हाउस ने फिलहाल इस पर कोई टिप्पणी नहीं की है, लेकिन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ताजा बयान ने इन अटकलों को और हवा दे दी है. सोमवार को ट्रंप ने पत्रकारों से कहा, "हमें दूसरी तरफ से कॉल आया है और वे समझौता करना चाहते हैं."

आखिर बैठक होगी कहां?

अगली बैठक कहां होगी, इसे लेकर अभी सस्पेंस बना हुआ है. सूत्रों के मुताबिक, एक बार फिर पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद का नाम चर्चा में है. हालांकि, इस बार विकल्प के तौर पर स्विट्जरलैंड के जिनेवा शहर पर भी विचार किया जा रहा है. अगर सब कुछ योजना के मुताबिक रहा, तो यह बैठक इसी गुरुवार को हो सकती है. हालांकि, अभी यह साफ नहीं है कि इस बार प्रतिनिधिमंडल में वही बड़े चेहरे शामिल होंगे या स्तर में कुछ बदलाव किया जाएगा.

समय की कमी इस बातचीत को और भी पेचीदा बना रही है. अगले हफ्ते युद्धविराम की मियाद खत्म हो रही है और अगर उससे पहले कोई ठोस नतीजा नहीं निकला, तो खाड़ी क्षेत्र में दोबारा जंग का खतरा है. यही वजह है कि दोनों देशों के अधिकारी स्थान और समय को लेकर जल्द से जल्द फैसला लेना चाहते हैं, ताकि 21 अप्रैल की समय सीमा से पहले किसी अंतिम ड्राफ्ट पर मुहर लग सके.

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