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"बदतमीज था, रूम में एंट्री पर भी रोक"... अल- फलाह विश्वविद्यालय के डॉक्टरों ने खोले आतंकी उमर के कई राज

दिल्ली में लाल किले के निकट 10 नवंबर को हुए विस्फोट में 15 लोग मारे गए थे. विस्फोट में विश्वविद्यालय तथा कश्मीर से जुड़े कई चिकित्सकों की भूमिका आतंकवाद निरोधी जांच एजेंसियों की जांच के दायरे में है. जिस गाड़ी में ये धमाका हुआ था उसे उमर ही चला रहा था.

"बदतमीज था,  रूम में एंट्री पर भी रोक"... अल- फलाह विश्वविद्यालय के डॉक्टरों ने खोले आतंकी उमर के कई राज
उमर के फोन के जरिए जांच एजेंसी उमर के मददगारों की तलाश में जुटी हुई है.
  • NIA ने दिल्ली ब्लास्ट मामले में फरीदाबाद के अल फलाह विश्वविद्यालय के 30 डॉक्टर्स के बयान दर्ज किए हैं.
  • जांच में आतंकी उमर उन नबी के व्यवहार और उसकी गतिविधियों के बारे में साथी डॉक्टर्स से पूछताछ की गई.
  • बता दें दिल्ली में लाल किले के निकट 10 नवंबर को हुए विस्फोट में 15 लोग मारे गए थे.
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नई दिल्ली:

दिल्ली ब्लास्ट मामला में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने अभी तक फरीदाबाद के अल फलाह विश्वविद्यालय के 30 डॉक्टर्स के बयान दर्ज किए हैं. सभी डॉक्टरों से धमाके के मुख्य आरोपी आतंकवादी उमर उन नबी के बारे में सवाल जवाब किए गए हैं. पूछताछ में साथी डॉक्टर्स ने बताया कि उमर का व्यवहार रूड रहता था. उमर चुनिंदा लोगों को ही अपने कमरे में आने देता था. वहीं उमर का एक फोन जम्मू-कश्मीर पुलिस के कब्जे में है. उमर के फोन से 4 वीडियो जांच एजेंसी को मिले हैं. जिसमें से एक वीडियो में आतंकी उमर जिहाद और ह्यूमन बम को सही ठहरा रहा था. बाकी के 3 वीडियो भी उमर ने बनाएं हैं. उमर के फोन के ज़रिए जांच एजेंसी उमर के मददगारों की तलाश में जुटी हुई है.

अल फलाह विश्वविद्यालय में रची गई साजिश!

  • दिल्ली बम ब्लास्ट के बाद अल फलाह विश्वविद्यालय निगरानी के केंद्र में है.
  • मुख्य आरोपी डॉ. उमर अल फलाह यूनिवर्सिटी से जुड़ा हुआ था और पुलवामा का रहने वाला था.
  • दावा है कि यही से धमाके की साजिश रची गई थी.
  •  हालांकि, विश्वविद्यालय की ओर से कहा जा रहा है कि कैंपस में किसी भी तरह की आतंकी गतिविधियों में इस्तेमाल नहीं हुआ है.

प्राइवेट अस्पतालों को नोटिस जारी

दूसरी और ब्लास्ट मामला में दिल्ली पुलिस ने दिल्ली के प्राइवेट अस्पतालों को नोटिस जारी किया है. नोटिस जारी कर दिल्ली पुलिस ने सभी निजी अस्पतालों में प्रैक्टिस कर रहे उन डॉक्टर्स की डिटेल अस्पताल प्रशासन से मांगी है, जिन्होंने पाकिस्तान, बांग्लादेश, UAE, चीन से MBBS की डिग्री ली है और दिल्ली के निजी अस्पतालों में प्रैक्टिस कर रहे है.

बता दें दिल्ली में लाल किले के निकट 10 नवंबर को हुए विस्फोट में 15 लोग मारे गए थे. विस्फोट में विश्वविद्यालय तथा कश्मीर से जुड़े कई चिकित्सकों की भूमिका आतंकवाद निरोधी जांच एजेंसियों की जांच के दायरे में है. जिस गाड़ी में ये धमाका हुआ था उसे उमर ही चला रहा था.

विस्फोट इतना भयानक था कि कई गाड़ियां जलकर राख हो गईं, पास की दुकानों के शीशे बिखर गए थे. पूरे मामले की जांच एनआईए कर रही है, जिसमें सुसाइड बॉम्बिंग का भी खुलासा हुआ है.है.

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