- दिल्ली एयरपोर्ट पर विज्ञान मंत्रालय और DIAL ने SKYCAST नामक हाईटेक मौसम निगरानी सिस्टम शुरू किया है
- SKYCAST सिस्टम हवा, कोहरा, तूफान, बारिश, बर्फ जमने और टर्बुलेंस जैसी मौसम संबंधी जानकारी रियल टाइम में देगा
- SKYCAST की मदद से उड़ानों की सुरक्षा बढ़ेगी, फ्लाइट देरी कम होगी और एयर ट्रैफिक कंट्रोल बेहतर निर्णय ले सकेगा
दिल्ली एयरपोर्ट पर मौसम निगरानी के लिए 'SKYCAST' नाम का हाईटेक सिस्टम शुरू किया गया है. भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय और दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड ने मिलकर ये शुरू किया है. 'SKYCAST' एक आधुनिक एविएशन वेदर इंटेलिजेंस और नाउकास्टिंग सिस्टम है, यानी ऐसा सिस्टम जो एयरपोर्ट और उड़ानों के लिए मौसम की हर छोटी-बड़ी जानकारी रियल टाइम में देगा.
यह सिस्टम विशेष तौर पर तेज हवा, हवा की दिशा/गति में अचानक बदलाव, कोहरा, तूफान, बारिश, बर्फ जमने जैसी स्थिति और टर्बुलेंस जैसी चीजों पर नजर रखेगा. इस हाईटेक मौसम निगरानी प्रणाली को दिल्ली के आईजीआई एयरपोर्ट पर लगाया गया है. दिल्ली एयरपोर्ट भारत का पहला ऐसा एयरपोर्ट है, जहां इतना एडवांस और इंटीग्रेटेड मौसम निगरानी सिस्टम मौजूद है.

इससे कई फायदे होंगे जैसे...
- उड़ानों की सुरक्षा बढ़ेगी: खराब मौसम के दौरान सटीक जानकारी से टेकऑफ और लैंडिंग ज्यादा सुरक्षित हो सकेगी.
- फ्लाइट की देरी कम होगी: कोहरे, तूफान या तेज हवाओं की पहले से जानकारी मिलने पर एयरपोर्ट बेहतर तैयारी कर सकेगा
- पायलट और एयर ट्रैफिक कंट्रोल को मदद: पायलट और एयर ट्रैफिक कंट्रोल को रियल टाइम मौसम की जानकारी मिलेगी, जिससे वे जल्दी और सही फैसले ले पाएंगे.
- यात्रियों को राहत: कम देरी, कम डायवर्जन, यात्रा ज्यादा आसान और सुरक्षित
सिस्टम की खास बात ये है कि हर 5 मिनट में नाउकास्ट अपडेट देगा, विंड शियर और फॉग का तुरंत अलर्ट देगा. साथ ही रनवे के हिसाब से मौसम की चेतावनी देगा.

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भारत अब हाई-टेक एविएशन वेदर मॉनिटरिंग सिस्टम के क्षेत्र में बड़ा कदम बढ़ाते हुए दुनिया का 19वां देश बन गया है. अब तक केवल 18 देशों के पास यह उन्नत इंटीग्रेटेड वायुमंडलीय रिमोट सेंसिंग प्रणाली उपलब्ध थी. इस नई तकनीक को दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के बाद जेवर हवाई अड्डे पर भी स्थापित किया जाएगा और धीरे-धीरे इसे देश के अन्य एयरपोर्ट तक विस्तारित करने की योजना है.
केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह के अनुसार, ‘स्काईकास्ट' प्रणाली उन्नत बाउंड्री लेयर रडार विंड प्रोफाइलर पर आधारित है, जो हवाई अड्डे से करीब 3 किलोमीटर की ऊंचाई तक हवा की गति, दिशा, टर्बुलेंस और अन्य महत्वपूर्ण वायुमंडलीय बदलावों की लगातार निगरानी करता है. यह जानकारी विमान के टेक-ऑफ और लैंडिंग के समय बेहद अहम होती है और पायलटों को करीब तीन घंटे पहले तक सटीक मौसम की चेतावनी दे सकती है, जिससे उड़ानों में देरी और रद्द होने की समस्या कम होगी. पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के मुताबिक, यह प्रणाली कई आधुनिक तकनीकों—जैसे रडार विंड प्रोफाइलर, सोडार, माइक्रोवेव रेडियोमीटर, फॉग स्पेक्ट्रोमीटर और लिडार-आधारित सीलोमीटर—को एक साथ जोड़कर रियल टाइम में व्यापक मौसम संबंधी डेटा उपलब्ध कराती है, जिससे विमानन सुरक्षा और संचालन में बड़ा सुधार आएगा.
DIAL के CEO विदेह कुमार जैपुरियार ने कहा कि मौसम बहुत तेजी से बदलता है. ऐसे में सही और तुरंत जानकारी बेहद जरूरी है. यह सिस्टम यात्रियों की सुरक्षा और बेहतर यात्रा अनुभव में मदद करेगा.
ऐसी हाईटेक टेक्नोलॉजी हीथ्रो एयरपोर्ट, हांगकांग इंटरनेशनल एयरपोर्ट, जॉन एफ. कैनेडी इंटरनेशनल एयरपोर्ट और सिंगापुर चांगी एयरपोर्ट जैसे बड़े हवाईअड्डों पर इस्तेमाल होती है.
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