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डिफेंस, टेक्नोलॉजी, ऑडियो-विजुअल को-प्रोडक्शन... भारत-ऑस्ट्रिया के बीच कई डील पर लगी मुहर

दोनों देशों के बीच सैन्य मामलों में सहयोग पर बात बनी, जिसका मतलब है कि सैन्य मामलों में सहयोग के लिए एक इंस्टीट्यूशनल फ्रेमवर्क तैयार होगा. इससे डिफेंस इंडस्ट्रियल और टेक्नोलॉजी पार्टनरशिप को बढ़ावा, डिफेंस पॉलिसी पर बातचीत, ट्रेनिंग और कैपेसिटी बिल्डिंग को आसान बनाना और भारतीय रक्षा क्षेत्र को बढ़ावा मिलेगा.

डिफेंस, टेक्नोलॉजी, ऑडियो-विजुअल को-प्रोडक्शन... भारत-ऑस्ट्रिया के बीच कई डील पर लगी मुहर
  • ऑस्ट्रिया के फेडरल चांसलर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय बैठक में कई समझौतों पर हस्ताक्षर किए.
  • भारत और ऑस्ट्रिया ने ऑडियो-विजुअल को-प्रोडक्शन समझौता किया, जिससे फिल्म इंडस्ट्रीज के बीच सहयोग बढ़ेगा.
  • फास्ट ट्रैक मैकेनिज्म से दोनों देशों की कंपनियों को बाज़ार तक बेहतर पहुंच और समस्या समाधान मिलेगा
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नई दिल्ली:

ऑस्ट्रिया के फेडरल चांसलर क्रिश्चियन स्टॉकर ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय बैठक की. इस बैठक के दौरान दोनों देशों के बीच कई डील पर हस्ताक्षर किए गए. वहीं चांसलर स्टॉकर ने भारत में शानदार मेहमाननवाजी के लिए पीएम मोदी का धन्यवाद किया. भारत के विदेश मंत्रालय की तरफ से जानकारी दी गई है कि दोनों देशों के बीच हुई बातचीत का नतीजा क्या निकला है.

विदेश मंत्रालय ने बताया कि भारत और ऑस्ट्रिया के बीच ऑडियो-विजुअल को-प्रोडक्शन को लेकर समझौता हुआ है. इसका मतलब है कि यह भारत और ऑस्ट्रिया की फिल्म इंडस्ट्रीज के बीच सहयोग को बढ़ावा देता है, संयुक्त फिल्म प्रोडक्शन को आसान बनाता है, क्रिएटिव और कल्चरल एक्सचेंज को बढ़ावा देता है, भारतीय कलाकारों को ग्लोबल मौके देता है, और भारतीय सिनेमा और भारतीय सॉफ्ट पावर की पहुंच बढ़ाता है.

भारतीय और ऑस्ट्रियाई कंपनियों के लिए फास्ट ट्रैक मैकेनिज्म पर सहमति बनी है, जिसका मतलब है कि भारतीय और ऑस्ट्रियाई कंपनियों और निवेशकों के सामने आने वाली समस्याओं की पहचान करना और उन्हें हल करना, भारतीय कंपनियों के लिए ऑस्ट्रियाई बाजार तक पहुंच को बेहतर बनाना और बिजनेस करने में आसानी में मदद करना.

दोनों देशों के बीच सैन्य मामलों में सहयोग पर बात बनी, जिसका मतलब है कि सैन्य मामलों में सहयोग के लिए एक इंस्टीट्यूशनल फ्रेमवर्क तैयार होगा. इससे डिफेंस इंडस्ट्रियल और टेक्नोलॉजी पार्टनरशिप को बढ़ावा, डिफेंस पॉलिसी पर बातचीत, ट्रेनिंग और कैपेसिटी बिल्डिंग को आसान बनाना और भारतीय रक्षा क्षेत्र को बढ़ावा मिलेगा.

काउंटर टेररिज्म पर एक जॉइंट वर्किंग ग्रुप बनाया जाएगा, जो नेशनल सिक्योरिटी को मजबूत करने के साथ काउंटर-टेररिज्म सहयोग और इन्फॉर्मेशन शेयरिंग और कैपेसिटी बिल्डिंग को बढ़ाता है.

एजीईएस, ऑस्ट्रिया और एफएसएसएआई, भारत के बीच खाद्य सुरक्षा को लेकर समझौता हुआ है, जिसका मतलब है कि ये फूड सेफ्टी स्टैंडर्ड और साइंटिफिक एक्सचेंज में सहयोग को बढ़ावा देता है. फूड रेगुलेशन और रिस्क असेसमेंट में कैपेसिटी बिल्डिंग और बेस्ट प्रैक्टिस को शेयर करने में मदद करता है. इसके अलावा यह खेती और खाद्य प्रोडक्ट्स में व्यापार को बढ़ावा देता है.

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(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)

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