Damoh:
किसी स्कूल के सामने मुर्दे को जलाए जाने की बात शायद ही किसी के गले उतर सकती है। दमोह में ऐसा ही एक मामला सामने आया जब स्कूल के सामने शव जलता देख तीन छात्राएं बेहोश हो गईं। घटना के बाद प्राचार्य को स्कूल बंद करना पड़ा। यह घटना जिले के तेजगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम देवरी जमादार में हुई, जो जिला मुख्यालय से लगभग 27 किलोमीटर दूर है। गांव के कुछ लोगों ने पुरानी परंपरा की दुहाई देते हुए नवीन माध्यमिक शाला प्रबंधन के मना करने के बावजूद बुधवार एक बुजुर्ग महिला के शव का स्कूल परिसर के सामने ही दाह संस्कार कर दिया। मिली जानकारी के मुताबिक, स्कूल के सामने चिता जलती देखकर तीन छात्राएं पार्वती, प्रियंका और देवकी बेहोश हो गई और कई बच्चे डर से कांपने लगे। स्थिति को समझकर प्राचार्य दीपक चौधरी को स्कूल बंद करना पड़ा। घटना के बारे में प्राचार्य चौधरी ने बताया कि बुधवार गांव की भूमिका बाई बंसल (70) की मौत के बाद उनके परिवार के लोग दाह-संस्कार के लिए शव स्कूल परिसर के सामने लेकर आए। चौधरी ने कहा कि उन्होंने वहां चिता जलाने पर आपत्ति जताई, लेकिन मृत महिला के नाती परम बंसल का कहना था कि 25 वर्ष पहले उसके दादा झुन्नीलाल बंसल का भी इसी जगह दाह संस्कार किया गया था, इसलिए वह अपनी दादी का भी वहीं अंतिम संस्कार करेंगे। गांव के सरपंच प्रतिनिधि त्रिलोक सिंह ने कहा कि पहले तो परिवार के लोगों को समझाया गया, लेकिन जब उन्होंने परंपरा की बात की, तो वह कुछ भी नहीं कर सके।
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दमोह, छात्राएं बेहोश