चक्रवात फेंगल (Cyclone Fengal) ने तमिलनाडु और पुडुचेरी तट के पास दस्तक देना शुरू कर दिया है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (India Meteorological Department) के मौसम कार्यालय ने कहा कि चक्रवाती तूफान अगले तीन से चार घंटों में तमिलनाडु और पुडुचेरी के तटों को पार करने की संभावना है. तूफान के कारण हुई भारी बारिश और तेज हवाओं ने भूस्खलन से पहले चेन्नई में उड़ान और ट्रेन सेवाओं को बाधित कर दिया है.
चक्रवात फेंगल को लेकर आईएमडी ने एक्स पर जानकारी दी है और बताया है कि स्थिति के ताजा आकलन से पता चलता है कि यह जमीन से टकरा गया है. साथ ही आईएमडी ने बताया कि इसके अगले 3 से 4 घंटों के दौरान 70-80 किमी प्रति घंटे से 90 किमी प्रति घंटे की रफ्तार के साथ चक्रवाती तूफान के रूप में पुडुचेरी के करीब कराईकल और महाबलीपुरम के बीच तमिलनाडु-पुडुचेरी के तटों को पार करने की संभावना है.
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The Cyclonic Storm “FENGAL” [pronounced as FEINJAL] over Southwest Bay of Bengal moved west-southwestwards with a speed of 7 kmph during past 6 hours and lay centred at 1730 hours IST of today, the 30th November 2024 over the southwest Bay of Bengal off North Tamil Nadu coast… pic.twitter.com/pqO1wPAPHK
— India Meteorological Department (@Indiametdept) November 30, 2024
तमिलनाडु के कई जिलों में स्कूल और कॉलेज बंद कर दिए गए हैं और शनिवार को शक्तिशाली चक्रवाती तूफान से पहले सैकड़ों लोग सुरक्षित स्थानों पर चले गए. वहीं भारी बारिश के कारण चेन्नई में कई अस्पतालों और घरों में भी पानी भर गया.
#WATCH चेन्नई, तमिलनाडु: चक्रवात फेंगल के प्रभाव से महाबलीपुरम के कई क्षेत्रों में बारिश के साथ तेज़ हवाएं चल रही हैं।#CycloneFengal pic.twitter.com/NfrpeAIRjl
— ANI_HindiNews (@AHindinews) November 30, 2024
इसके साथ ही पड़ोसी केंद्र शासित प्रदेश पुदुचेरी में निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को हटाया गया है और प्रशासन ने स्थानीय निवासियों को चक्रवात के लिए तैयार रहने के लिए आगाह करने के लिए एसएमएस अलर्ट भेजा है.

55 घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द
चेन्नई एयरपोर्ट का एक हिस्सा जलमग्न हो गया और कई उड़ानें रद्द होने से सैकड़ों यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा है.
चेन्नई में आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि दो रनवे और टैक्सीवे (विमानों का हवाईपट्टी पर आने का रास्ता) जलमग्न हो गए हैं, जिससे कम से कम 55 घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द कर दी गईं और 19 अन्य का मार्ग बदल दिया गया. इससे पहले दिन में जब हवाईअड्डा चालू था, तब कम से कम 12 विमानों ने देरी से उड़ान भरी.

ट्रेन, रेल और विमान सेवाएं प्रभावित
इसके साथ ही हैदराबाद में भी कम से कम 20 उड़ानें रद्द कर दी गईं. यह उड़ानें चेन्नई और तिरूपति से आने-जाने वाली सेवाएं थीं. भारी बारिश के कारण चेन्नई में ट्रेन सेवाएं भी प्रभावित हुईं हैं. वहीं दक्षिणी रेलवे ने अपनी कई सेवाओं में बदलाव की घोषणा की है.

चेन्नई में मरीना और मामल्लपुरम सहित अन्य प्रसिद्ध समुद्र तटों तक लोगों की पहुंच को बंद करने के लिए बैरिकेड्स लगाए गए.
इसके साथ ही भारी बारिश से संबंधित एक घटना में चेन्नई के एक एटीएम से नकदी निकालने की कोशिश कर रहे एक प्रवासी श्रमिक की कथित तौर पर बिजली के करंट की चपेट में आने से मौत हो गई.

समुद्र से दूर रहने का किया आग्रह
मौसम पूर्वानुमान में मछली पकड़ने वाले दलों को समुद्र से दूर रहने का आग्रह किया गया है और एक मीटर ऊंची लहरें उठने की अनुमान जताया गया है, जिससे निचले तटीय क्षेत्रों में बाढ़ का खतरा पैदा हो गया है.
चक्रवात फेंगल के कारण हो रही बारिश के कारण चेन्नई और उसके आसपास के कई इलाके जलमग्न हो गए. तेज हवाओं के कारण बैरिकेड्स और छतरियां उड़ गईं तथा भारी बारिश के कारण सड़क पर लोग छिपने के लिए इधर-उधर भागने लगे.

सरकार की समुद्र तटों के पास न जाने की चेतावनी के बावजूद बहुत से लोग विशेषकर युवक-युवतियां समुद्र तटों पर मौज-मस्ती करते रहे. ममल्लापुरम विश्व धरोहर स्थल पर भी पर्यटकों पहुंचे थे. विल्लुपुरम जिले के मरक्कनम जैसे तटीय क्षेत्रों में हवा की गति काफी तेज थी.
अस्पतालों में घुसा बारिश का पानी
क्रोमपेट में दो सरकारी अस्पतालों, एक अन्य अस्पताल और छाती एवं श्वसन रोग चिकित्सा सुविधा केंद्र के परिसर में बारिश का पानी घुस गया. ये दोनों अस्पताल एक-दूसरे के बगल में स्थित हैं. अस्पताल के अंदर भी पानी टखने के स्तर तक पहुंच गया था, जिससे मरीजों, तीमारदारों और डॉक्टरों को परेशानी का सामना करना पड़ा. पुलिस और स्थानीय अधिकारियों ने प्रवेश स्थलों पर रेत की बोरियां रखीं और बताया कि समस्या से निपटने के लिए सभी कदम उठाए जा रहे हैं.
अन्ना सलाई सहित कई सड़कों पर बैरिकेड यहां-वहां पड़े नजर आए तथा श्रीपेरंबदूर में एक ट्रैफिक लाइट गिर गयी और यहां कई आवासीय इलाके भारी मात्रा में जलमग्न हो गए.
फेंगल इस सप्ताह की शुरुआत में श्रीलंका के तट से टकराया था, जिसमें छह बच्चों सहित कम से कम 12 लोगों की मौत हो गई थी.
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