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This Article is From Mar 19, 2019

अदालत ने खेमका के वार्षिक प्रदर्शन मूल्यांकन में की गई ‘प्रतिकूल टिप्पणी’ हटाने का आदेश दिया 

खेमका ने अपने वार्षिक प्रदर्शन मूल्यांकन रिपोर्ट में खट्टर द्वारा की गई प्रतिकूल टिप्पणी को हटाने के लिए इस वर्ष जनवरी में अदालत का रूख किया था.

अदालत ने खेमका के वार्षिक प्रदर्शन मूल्यांकन में की गई ‘प्रतिकूल टिप्पणी’ हटाने का आदेश दिया 
अशोक खेमका का फिर हुआ तबादला
नई दिल्ली:

पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अशोक खेमका के वार्षिक प्रदर्शन मूल्यांकन रिपोर्ट 2016-17 में मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर द्वारा की गई प्रतिकूल टिप्पणियों को हटाने का सोमवार को आदेश दिया.अदालत ने कहा कि खेमका की ईमानदारी संदेह से परे है और इस तरह की पेशेवर ईमानदारी रखने वाले व्यक्ति की सत्यनिष्ठा की रक्षा की जानी चाहिए. खेमका ने अपने वार्षिक प्रदर्शन मूल्यांकन रिपोर्ट में खट्टर द्वारा की गई प्रतिकूल टिप्पणी को हटाने के लिए इस वर्ष जनवरी में अदालत का रूख किया था. न्यायमूर्ति राजीव शर्मा एवं न्यायमूर्ति कुलदीप सिंह की खंडपीठ ने उनकी इस याचिका पर हरियाणा सरकार को नोटिस जारी किया था.

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गौरतलब है कि कांग्रेस नेता सोनिया गांधी के दामाद राबर्ट वाड्रा के जमीन सौदे के मामले को लेकर चर्चा में आये हरियाणा कैडर के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अशोक खेमका का एक बार फिर से तबादला कर दिया गया था. हरियाणा सरकार ने 1991 बैच के वरिष्ठ नौकरशाह अशोक खेमका समेत नौ आईएएस अधिकारियों के तत्काल प्रभाव से स्थानांतरण और तैनाती आदेश रविवार को जारी किये. खेल और युवा मामलों के विभाग के प्रधान सचिव अशोक खेमका को विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग के प्रधान सचिव के रूप में नियुक्त किया गया है, जहां उन्हें पहले भी तैनात किया गया था. लगभग 15 महीने पहले खेल और युवा मामलों के विभाग में तैनात किये गये आईएएस अधिकारी खेमका का अब तक उनके कैरियर में 50 बार से अधिक बार तबादला हो चुका है. यानी अशोक खेमका का यह 52वां तबादला है. इस तबादले के बाद अशोक खेमका ने ट्विटर पर अपनी बात रखी. 

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आईएएस अधिकारी अशोक खेमका ने टि्वटर पर अपने तबादले को लेकर लोगों के सवालों के जवाब दिये. उन्होंने ट्वीट करते हुये कहा,‘किसके हितों की रक्षा करूं? तुम्हारा या उनका जिनका आप प्रतिनिधित्व का दावा करते हैं? दम्भ है हमें पैरों तले रौंदोगे. शौक से, कई बार सहा है, एक बार और सही.'    

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गौरतलब है कि 1991 बैच के इस आईएएस अधिकारी का ट्वीट उनके रविवार को हुये तबादले के दो दिन बाद आया है. उनका स्थानातंरण नौ अन्य अधिकारियों के साथ किया गया था. माना जाता है कि उनके अब तक के कैरियर में 50 से अधिक बार तबादला हो चुका है. 

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अशोक खेमका 1991 बैच के हरियाणा काडर के  आईएएस हैं. 24 साल में 51 बार ट्रांसफर हो चुका है. गुरुग्राम में सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा की जमीन सौदे से जुड़ी जांच के कारण अशोक खेमका सुर्खियों में रहे. कहा जाता है कि अशोक खेमका जिस भी विभाग में जाते हैं, वहीं घपले-घोटाले उजागर करते हैं, जिसके चलते अक्सर उन्हें ट्रांसफर झेलना पड़ता है. भूपिंदर सिंह हुड्डा के शासनकाल में बतौर व्हिसिल ब्लोवरकई घोटालों का खुलासा कर चुके हैं. अशोक खेमका पश्चिम बंगाल के कोलकाता में पैदा हुए. फिर आईआईटी खड़गपुर से 1988 में बीटेक किए और बाद में कंप्यूटर साइंस में पीएचडी किए. बिजनेस एडिमिनिस्ट्रेशन में उनके पास एमबीए की डिग्री भी है.नवंबर 2014 मेंतत्‍कालीन हुड्डा सरकार ने रॉबर्ट वाड्रा और डीएलएफ के लैंड डील से जुड़े खुलासे के बाद खेमका का तबादला परिवहन विभाग में कर दिया था. जिस पर सवाल उठे थे.  

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