दिल्ली में 25 से 30 जून के बीच मॉनसून के पहुंचने की संभावना है, जिसे लेकर रेखा सरकार ने युद्धस्तर पर तैयारियां शुरू कर दी हैं. मॉनसून के दिनों में बाढ़ और जलभराव की स्थिति से निपटने के लिए 24x7 कंट्रोल रूम, 13 जिलों में राहत इंतजाम और हाई-लेवल मॉनिटरिंग शुरू करने की प्लानिंग है. बाढ़ की तैयारियों और उससे निपटने के काम की देखरेख के लिए मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में एक हाई-लेवल 'एपेक्स कमेटी' बनाई गई है. मुंबई में मॉनसून की बारिश के बाद कई इलाकों में पानी भर गया है. लोगों को काफी मुश्किल हालात का सामना करना पड़ा रहा है. मॉनसून की बारिश से दिल्ली में ऐसे हालात पैदा न हों, इसलिए लिए तैयारी पूरी हो गई है.
24x7 सेंट्रल फ्लड कंट्रोल रूम
मॉनसून की बारिश में दिल्ली में भी कई इलाके जलमग्न नजर आते हैं. ये जलभराव कई हादसों को भी निमंत्रण दे देता है. ऐसे हालात न पैदा हों, इसके लिए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कई कदम उठाए हैं. दिल्ली सरकार ने मॉनसून सीजन से पहले 'बाढ़ नियंत्रण' को लेकर कमर कस ली है. 15 जून से 15 अक्टूबर तक 24x7 सेंट्रल फ्लड कंट्रोल रूम काम करेगा, जो पूरी दिल्ली की निगरानी करेगा. बाढ़ की तैयारियों और उससे निपटने के काम की देखरेख के लिए मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में एक हाई-लेवल 'एपेक्स कमेटी' बनाई गई है.

यमुना नदी, नजफगढ़ नाले के लिए थ्री-टियर वॉर्निंग सिस्टम
दिल्ली के सभी 13 जिलों में सेक्टर कमेटियां, कंट्रोल रूम और राहत कैंप बनाए गए हैं. यमुना नदी और नजफगढ़ नाले के लिए थ्री-टियर वॉर्निंग सिस्टम लागू किया गया है. इस दौरान 20 से ज्यादा संवेदनशील तटबंधों और पंपिंग स्टेशनों की खास निगरानी की जाएगी. ये ऐसे स्थान हैं, जहां अतीत में कई हादसे होते देखे गए हैं. इसलिए ऐसे स्थानों पर खास नजर रखी जा रही है.
MCD, PWD और दिल्ली जल बोर्ड को सख्त निर्देश
मॉनसून में बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए जरूरत पढ़ने पर सेना की मदद भी ली जाएगी. एमसीडी, पीडब्ल्यूडी, डीडीए और दिल्ली जल बोर्ड को नालियों की सफाई सुनिश्चित करने और जलभराव को रोकने के लिए जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं. आपातकालीन स्थिति में जरूरत पड़ने पर सेना की मदद और अतिरिक्त नावों जैसी अतिरिक्त सहायता भी तैनात किये जाने की योजना है. इसके लिए केंद्र सरकार से भी मदद मांगी गई है.
मॉनसून की बारिश में फंसे हैं, तो इन हेल्पलाइन नंबर्स पर मांगे मदद
- जलभराव: 1800-11-0093
- आपदा प्रबंधन: 1077

2023 की बाढ़, डूब गए थे सिविल लाइंस, आईटीओ, कश्मीरी गेट और यमुना बाजार
सरकार का कहना है कि इस साल की तैयारी योजना में 2023 में आई भीषण बाढ़ से मिले अनुभवों को शामिल किया गया है. बता दें कि जुलाई 2023 में दिल्ली में भीषण बाढ़ आई थी, जिसमें सिविल लाइंस, आईटीओ, कश्मीरी गेट, यमुना बाजार, मयूर विहार और राजघाट जैसे इलाके कई फीट पानी में डूब गए थे. हिमाचल और उत्तराखंड में भारी बारिश के बाद यमुना नदी का जलस्तर खतरे के निशान से बहुत ऊपर पहुंच गया, जिससे राजधानी के कई इलाके जलमग्न हो गए. 8-9 जुलाई को हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में रिकॉर्डतोड़ बारिश हुई थी. ऊपरी यमुना बेसिन में 24 घंटे में 300 मिमी से ज्यादा बारिश रिकॉर्ड की गई, जिसके कारण हथिनीकुंड बैराज से 8 जुलाई से लगातार पानी छोड़ा गया. 11 जुलाई को सुबह 6 बजे बैराज से 3.59 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया, जो पिछले सालों के मुकाबले बहुत ज्यादा था. 13 जुलाई को यह बढ़कर 3.60 लाख क्यूसेक हो गया. इस बाढ़ ने दिखाया कि दिल्ली यमुना के बाढ़ क्षेत्र में बसी है.
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