वैश्विक तेल संकट के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बचत की अपील के बावजूद देश में पेट्रोल‑डीजल की खपत कम होने के बजाए बढ़ती दिख रही है. मई महीने में भी ईंधन की बिक्री में दो अंकों की वृद्धि दर्ज की गई है.
PM मोदी की अपील, जमीनी असर सीमित
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 10 मई 2026 को देशवासियों से पेट्रोल‑डीजल का सीमित और समझदारी से इस्तेमाल करने की अपील की थी. उन्होंने खासतौर पर कहा था, 'जहां मेट्रो उपलब्ध है, वहां पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल बढ़ाया जाए. निजी वाहन की जरूरत हो तो कार‑पूलिंग अपनाई जाए.' उनकी अपील के बाद कई राज्यों में प्रशासनिक स्तर पर कदम उठाए गए. कुछ मुख्यमंत्रियों ने गाड़ियों का इस्तेमाल कम किया, वहीं कुछ सार्वजनिक परिवहन का सहारा लेते दिखे.
-
NDTV WORLD SUMMIT 2026 : कृति सेनन को बिकिनी सीन करने में क्यों लगे 12 साल? -
ब्रिटेन के हरियाणवी मेयर तुषार कुमार ने बताया कैसे गरीबों की मदद ने जिताया चुनाव -
टैक्स सिर्फ कमाई पर लगे, पूरी रकम पर नहीं..."F&O ट्रेडर्स के नुकसान पर बोले Zerodha को-फाउंडर निखिल कामत -
जिस शशि थरूर को सुनती है पूरी दुनिया, संसद में वह किसे सुनना पसंद करते हैं? खुद खोला राज -
रुपये की गिरती कीमत पर RBI गवर्नर का बड़ा बयान, कोई फिक्स लेवल नहीं, जानिए क्या है रिजर्व बैंक का एक्शन प्लान -
टाटा संस की शेयर बाजार में लिस्टिंग अनिवार्य? RBI गवर्नर ने NDTV समिट में बताया ये क्यों है जरूरी -
AI से बुलेट ट्रेन तक... अश्विनी वैष्णव ने बताया भारत का फ्यूचर प्लान -
NDTV World Summit 2026: वेजिटेरियन खिलाड़ियों को कौन सी दिक्कतें होती हैं? Savita, Neeru ने बताया -
NDTV World Summit 2026 के मंच पर भारत की 'गोल्डन गर्ल्स' ने बताया जीत का मंत्रा! | Asian Games 2026 -
NDTV World Summit 2026: Lovlina Borgohain ने बताया जीवन का सबसे बड़ा चैलेंज! क्यों लगने लगे ठहाके?
ग्राउंड रियलिटी: बढ़ रही है खपत, पैनिक बायिंग भी जारी
इसके बावजूद सोशल मीडिया पर अफवाहों और सप्लाई को लेकर आशंका के बीच कई जगहों पर पैनिक बायिंग देखने को मिली. इंडियन ऑयल के मुताबिक, 1 मई से 22 मई 2026 के बीच पेट्रोल बिक्री 14% बढ़ी है. वहीं डीजल बिक्री भी 18% बढ़ी है. यानी संकट के बावजूद खपत घटने के बजाय बढ़ रही है.
यह भी पढ़ें- पेट्रोल, डीजल और LPG की घबराहट में न करें खरीदारी! राजनाथ सिंह की अगुवाई में हुई बैठक के बाद सरकार की अपील
क्यों बढ़ रही है मांग?
इंडियन ऑयल के मुताबिक ईंधन की बढ़ती मांग के पीछे कई फैक्टर सामने आए हैं. हार्वेस्टिंग सीजन के चलते डीज़ल की मांग बढ़ी है. इसके अलावा निजी पेट्रोल पंपों पर अधिक कीमत के कारण ग्राहकों का PSU पंपों की ओर शिफ्ट होना भी अहम कारण है. थोक और संस्थागत सप्लाई महंगी होने से कमर्शियल डिमांड का रुख रिटेल आउटलेट्स की ओर बढ़ा है.
इसके अलावा कुछ इलाकों में लोकल स्तर पर मांग‑आपूर्ति असंतुलन और बिक्री पैटर्न में बदलाव भी दिखा है.
मार्च से शुरू हुआ संकट, अब तक जारी
दरअसल, यह ट्रेंड मार्च 2026 से ही शुरू हो गया था, जब मिडिल ईस्ट में युद्ध के बाद वैश्विक तेल आपूर्ति प्रभावित हुई. पेट्रोलियम मंत्रालय के आंकड़े भी इसी ओर इशारा कर रहे हैं. जहां फरवरी 2026 में पेट्रोल खपत 3.37 मिलियन टन थी, वही मार्च 2026 में बढ़कर 3.78 मिलियन टन हो गई. यानी 12.16% वृद्धि दर्ज की गई.
डीजल में और ज्यादा उछाल
- फरवरी: 7.66 मिलियन टन खपत
- मार्च: 8.73 मिलियन टन (13.90% वृद्धि)
अप्रैल में भी जारी रहा उछाल
1-21 अप्रैल 2026 के दौरान पेट्रोल और डीजल की बिक्री में 13% से ज्यादा वृद्धि दर्ज की गई.यानि तीन महीने से लगातार खपत बढ़ रही है.
तेल अर्थव्यवस्था पर दबाव
गौरतलब है कि मिडिल ईस्ट संकट के कारण कच्चे तेल की सप्लाई बाधित हुई है. इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय कीमतों में तेजी आई है. इसका सीधा असर भारत की तेल अर्थव्यवस्था और सप्लाई चेन पर पड़ा है. जहां एक ओर सरकार बचत की अपील कर रही है. सिस्टम खपत कम करने की कोशिश में है. वहीं जमीनी हकीकत यह है कि मांग लगातार बढ़ रही है. यही भारत के लिए सबसे बड़ी चुनौती बनकर उभर रही है.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं