- कांग्रेस नेता शशि थरूर की राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे से संसद भवन में 90 मिनट मीटिंग हुई
- थरूर ने पार्टी में अपनी भूमिका को लेकर असंतोष जताया था
- माना जा रहा है कि इस बैठक के बाद थरूर को आलाकमान मनाने में सफल रहा है
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी से मिलने के बाद शशि थरूर ने बड़ा बयान दिया है. तिरुवनंतपुरम से कांग्रेस सांसद थरूर ने कहा कि दोनों नेताओं के साथ अच्छी और सकारात्मक चर्चा हुई. उन्होंने कहा कि मैं सीएम कैंडिडेट नहीं हूं और पहले से ही सांसद हूं. गौरतलब है कि कांग्रेस की पिछली कई बैठकों से थरूर गायब रहे थे. कई मौकों पर उन्होंने पार्टीलाइन से अलग जाकर बयान दिया था. माना जा रहा था कि थरूर पार्टी हाईकमान के रवैये से नाराज थे. लेकिन आज राहुल और खरगे से मुलाकात के बाद थरूर की बॉडी लैंग्वेज बदली नजर आ रही थी. उन्होंने कहा कि सबकुछ ठीक है, हम साथ आगे बढ़ रहे हैं.
90 मिनट तक चली बैठक
कांग्रेस नेता शशि थरूर ने मंगलवार को संसद भवन में राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे से मुलाकात की. करीब 90 मिनट चली इस बैठक को पार्टी के भीतर पिछले कुछ समय से चल रहे असहज माहौल को शांत करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है. थरूर हाल के महीनों में कई अहम बैठकों से अनुपस्थित रहे, जिससे उनके और पार्टी नेतृत्व के बीच दूरी की खबरें लगातार चर्चा में थीं.

इस हंसी का क्या है राज?
आलाकमान से नाराज थे थरूर
हालिया रिपोर्टों के मुताबिक, थरूर ने कई बार महसूस किया कि उन्हें पार्टी आयोजनों में वह प्रमुख भूमिका नहीं दी जा रही, जिसकी वे अपेक्षा रखते हैं. खासकर कोच्चि के महापंचायत कार्यक्रम में राहुल गांधी द्वारा उनका नाम न लेना उनकी नाराजगी का प्रमुख कारण माना गया था. इसके बाद उन्होंने दिल्ली और केरल की कई रणनीतिक बैठकों से दूरी बनाए रखी.
केरल चुनाव से पहले थरूर को नाराज नहीं रखना चाहती है कांग्रेस
पार्टी सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस नेतृत्व विधानसभा चुनावों से पहले किसी भी तरह के अंदरूनी मतभेद को बढ़ने नहीं देना चाहता. इसलिए राहुल गांधी और खड़गे ने थरूर से अलग बैठक कर उनकी बात सुनी और असहमति के बिंदुओं पर चर्चा की. बताया गया कि एआईसीसी पहले से ही थरूर को साधने की कोशिश में लगी थी, ताकि चुनावों से पहले एकजुटता का संदेश दिया जा सके.
कांग्रेस की कई बैठकों से नदारद रहे थे थरूर
थरूर पिछले कुछ महीनों से अपनी चिंताओं को लेकर पार्टी नेतृत्व से मिलने का समय मांग रहे थे, परंतु उनकी अनुपस्थिति को लेकर कई तरह की राजनीतिक अटकलें भी लगाई जा रही थीं. कभी बीजेपी में जाने की अफ़वाहों से लेकर केरल में CPI(M) से संपर्क तक. हालांकि, इन सभी खबरों को थरूर ने सार्वजनिक मंच पर सिरे से खारिज किया है. उन्होंने कहा है कि उनके मुद्दे पार्टी के भीतर ही सुलझाए जाने चाहिए, न कि सार्वजनिक रूप से उठाए जाएं. आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए यह मुलाक़ात बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है.
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