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कांग्रेस ने TVK से चुनाव से पहले क्यों नहीं किया गठबंधन? DMK से 55 साल का रिश्ता तोड़ना कांग्रेस का ब्लंडर या गेमचेंजर?

कांग्रेस ने चुनाव से पहले डीएमके के साथ रहने का फैसला किया था, अब टीवीके का समर्थन करने पर सवाल उठ रहे हैं कि क्या यह कांग्रेस की रणनीतिक गलती है.

कांग्रेस ने TVK से चुनाव से पहले क्यों नहीं किया गठबंधन? DMK से 55 साल का रिश्ता तोड़ना कांग्रेस का ब्लंडर या गेमचेंजर?
  • तमिलनाडु कांग्रेस प्रभारी ने कहा कि चुनाव से पहले कार्यकर्ता टीवीके का समर्थन करने की मांग कर रहे थे
  • कांग्रेस आलाकमान ने इंडिया गठबंधन के कारण तमिलनाडु विधानसभा चुनाव डीएमके के साथ लड़ने का फैसला किया था
  • कांग्रेस ने चुनाव के बाद टीवीके का समर्थन देने का ऐलान किया, जिससे राजनीतिक स्थिति में बदलाव आया है
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नई दिल्‍ली:

तमिलनाडु कांग्रेस प्रभारी गिरीश चोडंकर का कहना है कि चुनाव से पहले पार्टी कार्यकर्ता उन्हें टीवीके का साथ देने के लिए कह रहे थे, केंद्रीय नेतृत्व को इसकी जानकारी थी, लेकिन इंडिया गठबंधन के कारण हम डीएमके के साथ बने रहे. अब कांग्रेस टीवीके का समर्थन करने जा रही है, तो सवाल यह है कि क्या कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व ने बड़ी गलती की? कांग्रेस ने टीवीके को समर्थन देने का ऐलान कर दिया है. क्‍या थलापति विजय के साथ जाने का कांग्रेस को फायदा होगा या फिर ये फैसला बड़ी गलती साबित होगा? क्‍या DMK से 55 साल का रिश्ता तोड़ना कांग्रेस का ब्लंडर या गेमचेंजर? 

TVK की लहर है, हमें पता था 

गिरीश चोडंकर ने कहा, "हमारे कार्यकर्ता, कई नेता और यहां तक कि वोटर्स भी यह कह रहे थे कि इस बार हमें थलापति विजय की पार्टी टीवीके के साथ मिलकर चुनाव लड़ना चाहिए. ये ही हमारे लिए फायदे का सौदा होगा. कार्यकर्ता कह रहे थे कि इस बार टीवीके की लहर देखने को मिल रही है. ऐसे में अगर हम डीएमके के साथ जाते हैं, तो हमें नुकसान उठाना पड़ सकता है. जीमीनी स्‍तर पर स्थिति ये थी, जिसमें बारे में हमने पार्टी आलाकमान को भी बताया था. कांग्रेस आलाकमान भी इस सिचुएशन को अच्‍छी तरह जानती थी."

इसलिए TVK के साथ नहीं हुआ प्री पोल समझौता 

तमिलनाडु की राजनीति में टीवीके की एंट्री और डीएमके के पुराने रिश्‍तों का जिक्र करते हुए कांग्रेस प्रभारी गिरीश चोडंकर ने कहा, "डीएमके और कांग्रेस काफी पुराने साथी रहे हैं. सालों से दोनों ने साथ-साथ कई चुनाव लड़े हैं. डीएमके 'इंडिया गठबंधन' का भी महत्‍वपूर्ण हिस्‍सा है. ऐसे में कांग्रेस कालाकमान ने फैसला किया कि हम तमिलनाडु विधानसभा चुनाव डीएमके के साथ मिलकर ही लड़ेंगे. अब इसका परिणाम सबके सामने हैं." एक सवाल ये भी उठ रहा है कि क्‍या DMK से 55 साल का रिश्ता तोड़ना कांग्रेस का ब्लंडर या गेमचेंजर साबित होगा? 

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कहीं अब बड़ी गलती, तो नहीं कर रही कांग्रेस?

अब सवाल ये उठ रहा है कि जब कांग्रेस ने चुनाव से पहले डीएमके के साथ रहने का फैसला किया था, क्‍योंकि वह उसका पुराना साथी रहा है, तो फिर चुनाव परिणाम के बाद कांग्रेस आलाकमान क्‍यों पलट गया? TVC को समर्थन देना ही था, तो फिर ये फैसला चुनाव से पहले क्‍यों नहीं लिया गया. अगर कांग्रेस चुनाव से पहले TVK के साथ प्री पोल अलायंस कर लेता, तो उसे यकीनन फायदा होता, इससे कोई इनकार नहीं कर सकता. इस फैसले से कांग्रेस 'अवसरवादी' नजर आ रही है. तमिलनाडु की राजनीति में दखल रखने वाले लोगों का कहना है कि कांग्रेस को टीवीके का समर्थन करने का नुकसान भी उठाना पड़ सकता है. 

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