
महिलाओं को राज्य सिविल सेवाओं में 30 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था वाले उत्तराखंड सरकार के आदेश पर उत्तराखंड उच्च न्यायालय की रोक को उच्चतम न्यायालय द्वारा हटाए जाने का मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्वागत किया है. यहां जारी एक बयान में मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा प्रदेश की महिलाओं के हित में दिए गए फैसले का हम स्वागत करते हैं.''
राज्य सरकार को प्रदेश की महिलाओं के हितों की रक्षा के लिए कटिबद्ध बताते हुए धामी ने कहा कि हमने महिला आरक्षण को यथावत बनाए रखने के लिए अध्यादेश लाने की भी पूरी तैयारी कर ली थी और इसके साथ हमने उच्चतम न्यायालय में भी समय से अपील करके प्रभावी पैरवी सुनिश्चित की.
उच्च न्यायालय की रोक के बाद महिला आरक्षण को यथावत रखने के लिए राज्य सरकार ने उच्चतम न्यायालय में विशेष अनुमति याचिका दायर की.
यह भी पढ़ें -
-- दिल्ली में 4 दिसंबर को होंगे नगर निगम के चुनाव, 7 दिसंबर को आएंगे नतीजे
-- सुप्रीम कोर्ट ने EPF को लेकर दिया बड़ा फैसला, 2014 की योजना को वैध ठहराया
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं