- चिराग पासवान ने कहा कि भारत के युवाओं को कोई रोक नहीं सकता और वे दुनिया को मार्गदर्शन देने में सक्षम हैं
- सोनीपत में एक आयोजन के दौरान चिराग पासवान ने प्रदर्शन रोकने की सरकार की नीति पर अलग राय व्यक्त की
- केंद्र सरकार 10 अक्टूबर के प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर सख्ती बरत रही है और मेट्रो स्टेशनों को बंद कर रही है
केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार में मंत्री चिराग पासवान का कहना है कि युवाओं को कोई रोक नहीं सकता. वह सोनीपत में एक यूनिवर्सिटी से जुड़े आयोजन में पहुंचे थे. इस दौरान मीडिया ने चिराग पासवान से 10 अक्तूबर को प्रस्तावित प्रदर्शन और उसे रोकने के लिए मेट्रो के 57 स्टेशनों को बंद करने और कई रेलों को रद्द किए जाने पर सवाल पूछा था. इस पर चिराग पासवान ने सरकार के रुख से अलग ही राय दी. उन्होंने कहा कि ऐसा कहना गलत है कि देश के युवाओं को कोई रोक सकता है. ऐसा हो पाना संभव ही नहीं है. पहले भी चिराग पासवान के ऐसे बयान आए हैं, जिसमें उन्होंने कहा था कि चुनाव आयोग को खुद सामने आकर सफाई देनी चाहिए.
उनका रुख सरकार से थोड़ा अलग रहा है, जिसे लेकर सवाल उठते हैं. आज उन्होंने ANI से कहा, 'भारत के युवा हैं. इनको कोई नहीं रोक सकता. जो लोग ऐसे भ्रम फैलाने का प्रयास करते हैं. कितनी ट्रेनें कोई रोक लेगा और कितनी सड़कें कोई रोक लेगा. ये भारत के युवा हैं और दुनिया को रास्ता दिखाने की क्षमता रखते हैं. हमारी पीढ़ियों ने ये किया है और उन्हें कोई रोक नहीं पाएगा.' बता दें कि सरकार इस मामले को लेकर बहुत सख्त नजर आ रही है. वह जुलाई में हुए सीजेपी के आंदोलन जैसी गलती नहीं करना चाहती.
#WATCH | Sonipat, Haryana: On the cancellation of trains, Union Minister Chirag Paswan says, "These are the youth of India—nothing can stop them. To those attempting to spread such misconceptions, I ask: how many trains can anyone really stop? How much connectivity can be blocked? How many roads can be jammed? These are India's youth; they possess the capacity to show the world the way—just as previous generations have done—and so, nothing can hold them back."
— ANI (@ANI) October 9, 2026
सूत्रों के मुताबिक सरकार ने सीजेपी के पिछले आंदोलन से कई सबक लिए हैं. तब 20 जुलाई को संसद के घेराव के लिए हुआ प्रदर्शन हिंसक हो गया था. प्रधान के इस्तीफे के बाद सीजेपी ने अपना आंदोलन खत्म किया था. ऐसे में सरकार की तैयारी पूरी है और वह चाहती है कि इतनी भीड़ न जुट सके कि हालात बिगड़ें. इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में भी आज सुनवाई हुई है. इस दौरान अदालत ने कहा कि 20 जून को भी एक दिन के प्रदर्शन की बात कही गई थी, लेकिन 17 दिन चला. अदालत ने सरकार से कहा कि सब कुछ बंद नहीं किया जा सकता. वहीं प्रदर्शनकारियों को भी नसीहत दी कि हम नागरिकों को लेकर चिंतित हैं.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं