- चरणजीत सिंह चन्नी लोक प्रशासन में एमए की परीक्षा दे रहे थे और कांग्रेस बैठक में शामिल नहीं हुए थे
- चन्नी की परीक्षा केंद्र में तस्वीरें खींचने और बाहर आने को लेकर सवाल उठे हैं कि यह नियमों का उल्लंघन है
- देविंदर मुद्गिल ने पंजाब के मुख्यमंत्री और गवर्नर को चन्नी की परीक्षा रद्द करने और कार्रवाई की मांग की है
पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने पिछले दिनों एमए की परीक्षा दी थी. वह लोक प्रशासन में एमए की डिग्री ले रहे हैं. इसी के चलते उन्होंने कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में भी हिस्सा नहीं लिया था. इस बीच उनके एमए की परीक्षा को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं. सवाल यह है कि जब परीक्षा केंद्र की तस्वीरें लेने पर रोक होती है तो फिर चरणजीत सिंह चन्नी की तस्वीरें कैसे खींची गईं और कैसे ये तस्वीरें बाहर आई हैं. चंडीगढ़ के पूर्व मेयर और पंजाब यूनिवर्सिटी के पूर्व सीनेट-सिंडिकेट मेंबर देविंदर मुद्गिल ने ने इस संबंध में यूनिवर्सिटी के चांसलर, पंजाब सीएम भगवंत मान और पंजाब गवर्नर गुलाब चंद कटारिया को लिखा है.
चंडीगढ़ के प्रशासक के तौर पर भी गवर्नर के पास जिम्मेदारी होती है. मुद्गिल का कहना है कि चन्नी की परीक्षा को रद्द किया जाए. इसके अलावा उनके खिलाफ एक्शन भी लिया जाए क्योंकि उन्होंने परीक्षा के नियमों का उल्लंघन किया है. उन्होंने कहा कि परीक्षा हॉल के भीतर मोबाइल फोन या फिर कैमरे का इस्तेमाल वर्जित होता है. फिर इसका इस्तेमाल किया गया और तस्वीरें ली गईं. उन्होंने इसके लिए उन तस्वीरों का हवाला दिया, जो मीडिया में चल रही हैं. उनका कहना है कि ऐसी तस्वीरें आखिर कैसे आई हैं. इसका पता लगाना चाहिए और चन्नी के खिलाफ एक्शन होना चाहिए.
मुद्गिल ने मांग की है कि परीक्षा केंद्र में सीसीटीवी की जांच की जाए. इससे पता चलेगा कि चन्नी के पास या फिर किस के पास इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस थी. इसके अलावा उनका यह भी सवाल है कि क्या चन्नी को परीक्षा केंद्र में वीआईपी ट्रीटमेंट मिला था. उन्होंने कहा कि आखिर एक पूर्व सीएम या फिर अन्य परीक्षार्थियों के बीच कोई भेद कैसे किया जा सकता है. परीक्षा देते समय तो सभी लोग समान हैं. ऐसी स्थिति में चन्नी को बाहर करना चाहिए और भविष्य में भी उनके परीक्षा में शामिल होने पर पाबंदी लगाई जाए.
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