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This Article is From May 30, 2024

सरकार ने बंगाल, हरियाणा और उत्तराखंड में सीएए के तहत नागरिकता देनी शुरू की

गृह मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि पश्चिम बंगाल, उत्तराखंड और हरियाणा की अधिकार प्राप्त समितियों ने तीनों राज्यों के आवेदकों को बुधवार को नागरिकता प्रदान की.

सरकार ने बंगाल, हरियाणा और उत्तराखंड में सीएए के तहत नागरिकता देनी शुरू की
नई दिल्ली:

केंद्र सरकार ने नागरिकता अधिनियम (सीएए) के तहत पश्चिम बंगाल, हरियाणा और उत्तराखंड में नागरिकता देने की शुरुआत कर दी है. गृह मंत्रालय ने यह जानकारी दी. भारत सरकार ने दिसंबर 2019 में बांग्लादेश, पाकिस्तान और अफगानिस्तान से धार्मिक उत्पीड़न की वजह से 31 दिसंबर 2014 को या इससे पहले आए हिंदू, सिख, जैन, बौद्ध, पारसी और ईसाई समुदाय के लोगों को भारतीय नागरिकता देने के लिए सीएए बनाया है.

मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि पश्चिम बंगाल, उत्तराखंड और हरियाणा की अधिकार प्राप्त समितियों ने तीनों राज्यों के आवेदकों को बुधवार को नागरिकता प्रदान की. नागरिकता (संशोधन) नियम, 2024 की अधिसूचना के बाद दिल्ली की अधिकार प्राप्त समिति ने पहली बार भारतीय नागरिकता प्रदान की. इन आवेदकों को 15 मई को दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय गृह सचिव ने नागरिकता प्रमाण पत्र सौंपा.

नागरिकता प्रमाणपत्रों की यह दूसरी किस्त बुधवार को जारी की गई. एक जून को लोकसभा चुनाव के अंतिम चरण के मतदान से कुछ दिन पहले यह कदम उठाया गया है. पश्चिम बंगाल में कई सीट पर शनिवार को अंतिम चरण में मतदान होगा. मतगणना चार जून को होगी. राष्ट्रपति की स्वीकृति मिलने के बाद कानून को अधिसूचित कर दिया गया था लेकिन भारतीय नागरिकता प्रदान करने के लिए नियम चार साल की देरी के बाद 11 मार्च को जारी किए गए.

सीएए नियमों में आवेदन पत्र के प्रारूप, जिला स्तरीय समिति (डीएलसी) द्वारा आवेदनों पर कार्रवाई की प्रक्रिया, राज्य स्तरीय अधिकार प्राप्त समिति (एसएलईसी) द्वारा जांच और नागरिकता प्रदान करने की परिकल्पना की गई है. आवेदन की प्रक्रिया पूरी तरह से ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से आगे बढ़ेगी. सीएए के 2019 में पारित होने के बाद देश के कई हिस्सों में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुआ था और प्रदर्शनकारियों ने इसे ‘भेदभाव' वाला करार दिया था.

देश के विभिन्न हिस्सों में सीएए विरोधी प्रदर्शनों या पुलिस कार्रवाई के दौरान करीब 100 लोगों की जान गई. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह कहते रहे हैं कि सीएए को लागू करने से कोई नहीं रोक सकता क्योंकि यह देश का कानून है. उन्होंने विपक्ष पर इस मुद्दे पर लोगों को गुमराह करने का आरोप लगाया.

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