Tej Pratap Yadav FIR Patna: बिहार के पूर्व मंत्री तेजप्रताप यादव एक नए कानूनी विवाद में घिरते नजर आ रहे हैं. कोर्ट के आदेश पर पाटलिपुत्र थाने में लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे के खिलाफ मामला दर्ज कराया है. उनपर जान से मारने की धमकी देने और घर में जबरन घुसने के गंभीर आरोप लगाए गए है. यह शिकायत अनुष्का यादव के भाई आकाश यादव ने दर्ज कराया है, जिन्होंने पुलिस के जरिए पहले कार्रवाई न किए जाने पर अदालत की शरण ली थी.
FIR दर्ज कराने के लिए आकाश यादव को कोर्ट पहुंचना पड़ा
दरअसल, आकाश यादव ने 10 जून को तेजप्रताप यादव के खिलाफ पटना के पाटलिपुत्र थाना में एक लिखित शिकायत दी थी. लेकिन पुलिस ने उस समय इस मामले में कोई एफआईआर दर्ज नहीं की. पुलिस की हीलाहवाली देखते हुए आकाश यादव ने 17 जून को सीधे पटना सिविल कोर्ट का रूख किया था. कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पाटलिपुत्र थाने को केस रजिस्टर्ड करने के आदेश दिए, जिसके बाद मामला दर्ज हुआ.
घर में जबरन घुसने और घरवालों को धमकी देने का लगाया है आरोप
आकाश यादव ने तेजप्रताप यादव पर 6 जून को उनके घर में जबरन घुसने और घरवालों को धमकी देने और उनके परिवार के सदस्यों को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी. आकाश के मुताबिक, कुछ समय पहले तेजप्रताप यादव के सोशल मीडिया हैंडल से उनकी बहन अनुष्का यादव के साथ तेज प्रताप के प्रेम संबंधों को लेकर एक पोस्ट शेयर की गई थी, जिसके बाद से ही विवाद चल रहा है. आकाश के अनुसार, तेजप्रताप यादव उनकी भांजी यानी अनुष्का यादव की बेटी से मिलना चाहते थे और इसी सिलसिले में दबाव बनाया जा रहा था.
लॉरेंस बिश्नोई गैंग का नाम से भी मिली धमकी
तेज प्रताप पर आरोप के अलावा आकाश ने उनके सहयोगी मोतीलाल पर भी उन्हें फोन पर धमकाने का आरोप लगाया. इसके अलावा उन्होंने लॉरेंस बिश्नोई गैंग के जरिए उन्हें धमकी देने की बात भी कहीं है. उन्होंने बताया किसी मोहित नाम के व्यक्ति ने उन्हें व्हाट्सअप पर उन्हें धमकाया है.इन सभी के चलते उन्होने पहले पुलिस थाने में और बाद में कोर्ट में अपनी और परिवार की सुरक्षा के लिए गुहार लगाई . साथ ही इन सभी मामलों से संबंधित व्हाट्सएप चैट के स्क्रीनशॉट्स और वॉयस नोट्स को सबूत के तौर पर पुलिस और अदालत को सौंप दिया है. जिसके बाद से पुलिस मामले की जांच में जुट गई है.
यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि जिस व्यक्ति को उसके अभद्र, अपमानजनक, धमकीपूर्ण एवं असामाजिक व्यवहार के संबंध में विधिवत कानूनी नोटिस भेजा गया, उसने अपनी गलती स्वीकार करने या खेद व्यक्त करने के बजाय प्रतिशोध की भावना से प्रेरित होकर मेरे विरुद्ध एक झूठी एवं मनगढ़ंत प्राथमिकी (FIR)… pic.twitter.com/Mlo5O0zysa
— Tej Pratap Yadav (@TejYadav14) June 18, 2026
आरोपों पर आई तेज प्रताप यादव की प्रतिक्रिया
वही इस मामले पर तेजप्रताप यादव की भी प्रतिक्रिया भी सामने आई है. उन्होंने सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है. उन्होंने इसे बदले की भावना से प्रेरित एक सोची-समझी राजनीतिक साजिश बताया, जिसका मकसद उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा और सार्वजनिक छवि को नुकसान पहुंचाना है.
तेजप्रताप यादव ने कहा कि मैंने हमेशा कानून, मर्यादा और लोकतांत्रिक मूल्यों का सम्मान किया है. लेकिन मेरी विनम्रता को कमजोरी न समझा जाए. मैं चरित्र हनन, झूठ और कानून के दुरुपयोग को कतई बर्दाश्त नहीं करूंगा. उन्होंने न्यायपालिका और संवैधानिक संस्थाओं पर पूरा भरोसा जताते हुए कहा कि सच्चाई जल्द ही तथ्यों के साथ सामने आएगी और हर झूठ बेनकाब होगा.
मामले में दर्ज FIR, जांच में जुटी पुलिस
मामले की जानकारी देते हुए पटना की SP दिव्यांजलि जायसवाल ने बताया कि अनुष्का यादव के भाई आकाश यादव के जरिए पाटलिपुत्र थाने में FIR दर्ज कराई गई है. जिसमें उन्होंने बताया कि तेज प्रताप यादव के जरिए घर में जबरन घुसकर परिवार वालों से मिलने की कोशिश की गई. इसके अलावा एक विदेशी नंबर से कॉल पर जान से मारने की धमकी दी गई है, जो US का नंबर बताया जा रहा है. सबूतों की जांच के बारे में उन्होंने बताया कि धमकी देने वाले के वॉयस नोट और नंबर की जांच की जा रही है, जिसके बारे में अभी यह कन्फर्म नहीं हुआ है कि धमकी लॉरेंस गैंग ने दी थी.
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