पंजाब के राजनीतिक गलियारों में पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेपी नेता कैप्टन अमरिंदर सिंह की 'घर वापसी' की अटकलें तेज हो गई हैं. यानी, कैप्टन अमरिंदर बीजेपी छोड़कर कांग्रेस में वापसी कर सकते हैं. ऐसी अटकलें इसलिए लगाई जा रही हैं, क्योंकि हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के बड़े नेता भूपिंदर सिंह हुड्डा का कहना है कि कैप्टन अमरिंदर सिंह कांग्रेस के संपर्क में हैं.
कैप्टन अमरिंदर सिंह की कांग्रेस वापसी की अटकलें ऐसे समय लगाई जा रही हैं, जब कुछ ही महीनों में पंजाब में विधानसभा चुनाव होने हैं. 2021 के विधानसभा चुनाव से पहले ही कैप्टन अमरिंदर कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में चले गए थे.
क्या वापसी करेंगे कैप्टन?
अब कैप्टन अमरिंदर सिंह कांग्रेस में एक बार फिर आ सकते हैं. कांग्रेस नेता भूपिंदर हुड्डा ने दावा किया कि कैप्टन अमरिंदर कांग्रेस के संपर्क में हैं. हुड्डा ने कहा, 'कैप्टन साहब वरिष्ठ नेता रहे हैं कांग्रेस पार्टी के और संपर्क में हैं.'
इन अटकलों को और हवा देते हुए पूर्व डिप्टी सीएम और पंजाब कांग्रेस के सीनियर नेता सुखजिंदर सिंह रंधावा ने कहा कि अगर अमरिंदर कांग्रेस में वापस आने का फैसला करते हैं तो उनका खुले दिल से स्वागत किया जाएगा. उन्होंने यह भी कहा कि गांधी परिवार ने कैप्टन अमरिंदर सिंह को बहुत मान-सम्मान दिया है और उन्हें मुख्यमंत्री भी बनाया था. इसलिए अगर वह वापसी करते हैं तो पार्टी के नेता उनके इस फैसले का स्वागत करेंगे.
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बीजेपी से नाराज चल रहे हैं कैप्टन!
बताया जा रहा है कि कैप्टन अमरिंदर बीजेपी से नाराज चल रहे हैं. हाल ही में जब बीजेपी ने केवल सिंह ढिल्लों को अपना नया प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया था, तो कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा था कि बीजेपी ने इस मामले पर उनकी राय नहीं ली थी.
कैप्टन अमरिंदर कई बार बीजेपी के काम करने के तरीकों को लेकर नाराजगी जाहिर कर चुके हैं. उन्होंने कई बार खुलेआम कहा है कि कांग्रेस की लीडरशिप पंजाब से जुड़े मामलों पर उनसे अक्सर सलाह-मशविरा करती थी लेकिन बीजेपी में फैसले लेने की प्रक्रिया ज्यादा सेंट्रलाइज्ड है.
इतना ही नहीं, बुधवार को जब केवल सिंह ढिल्लों ने बीजेपी कार्यालय में अपना पद संभाला तो वहां बीजेपी के तमाम बड़े नेता मौजूद थे लेकिन कैप्टन अमरिंदर सिंह यहां मौजूद नहीं थे.
उन्होंने इस बात की ओर भी इशारा किया कि बीजेपी के नेताओं की ओर से उन्हें व्यक्तिगत तौर पर कोई खास सम्मान नहीं मिलता. अमरिंदर ने हाल ही में बताया था कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने उनके जन्मदिन पर उन्हें व्यक्तिगत रूप से बधाई दी थी. इतना ही नहीं, भाई के गुजर जाने पर भी राहुल ने फोन लगाया था. उन्होंने कहा था कि बीजेपी की ओर से उन्हें इस तरह के कोई भी भाव देखने को नहीं मिले.
कैप्टन की नाराजगी की एक वजह ये भी
कैप्टन अमरिंदर की नाराजगी की एक वजह चुनाव भी है. अमरिंदर ने पंजाब में अकाली दल के साथ गठबंधन करने का बार-बार समर्थन किया है. जबकि, बीजेपी नेताओं ने यह साफ कर दिया है कि बीजेपी सभी 117 विधानसभा सीटों पर अकेले चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है.
बताया जा रहा है कि कैप्टन अमरिंदर ने कई बार बीजेपी को सुझाव दिया है कि अगर बीजेपी पंजाब में सरकार बनाना चाहती है तो उसे अकाली दल के साथ गठबंधन करना चाहिए लेकिन बीजेपी आलाकमान ने इस पर कोई विचार नहीं किया.
इस साल मार्च में एक रैली में गृह मंत्री अमित शाह ने साफ कर दिया था कि पंजाब में कोई गठबंधन नहीं किया जाएगा. बीजेपी ने यह भी साफ कर दिया है कि इस बार पार्टी अकेले चुनाव लड़ना चाहती है और अकाली दल के साथ गठबंधन कर 'छोटे भाई' की भूमिका नहीं चाहती.
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