विज्ञापन

बृजभूषण शरण सिंह यौन उत्पीड़न मामले में बरी, राउज एवेन्यू कोर्ट का फैसला

भारतीय जनता पार्टी के नेता बृजभूषण शरण सिंह से जुड़े यौन उत्पीड़न मामले में कोर्ट का फैसला आ गया है. दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने बृजभूषण को बरी कर दिया है.

बृजभूषण शरण सिंह यौन उत्पीड़न मामले में बरी, राउज एवेन्यू कोर्ट का फैसला
बृजभूषण सिंह से जुड़े मामले में कोर्ट ने सुनाया फैसला. (File Photo)
  • कोर्ट ने बृजभूषण शरण सिंह और विनोद तोमर को महिला पहलवानों के यौन उत्पीड़न मामले में बरी कर दिया है.
  • अदालत ने कहा पीड़ितों के बयानों में विरोधाभास था, आरोप 10 साल पुराने थे.
  • बृजभूषण के खिलाफ 2023 के जंतर-मंतर प्रदर्शन के बाद IPC 354, 354A, 506 में चार्जशीट दाखिल हुई थी.
नई दिल्ली:

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह से जुड़े यौन उत्पीड़न मामले में अदालत का फैसला आ गया है. दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने सोमवार को महिला पहलवानों के साथ यौन उत्पीड़न से जुड़े मामले में बृजभूषण शरण सिंह को बरी कर दिया. पीड़ित के बयानों में विरोधाभास पाया गया और आरोप 10 साल पुराने थे. आरोप जिस जगह से जुड़े थे, उस जगह की लोकेशन पीड़िता और आरोपी की लोकेशन से मेल नहीं खाई. नाबालिग पहलवान ने अपने आरोप वापस ले लिए थे. इसके अलावा, 2 और पहलवानों ने अपने बयान कोर्ट में नहीं दर्ज कराए थे.

कोर्ट में छह महिला पहलवानों का बयान दर्ज करवाया गया था. महिला पहलवानों की शिकायतों पर आधारित मामले में WFI के पूर्व प्रमुख को दोषी नहीं पाया है.

ये भी पढ़ें: "अगर आरोप साबित होता तो फांसी पर लटक जाता..." कोर्ट से बरी होने के बाद बृज भूषण शरण सिंह का पहला रिएक्शन

क्या है पूरा मामला?

बृजभूषण शरण सिंह से जुड़ा यह मामला साल देश की महिला पहलवानों से संबंधित है. साल 2023 में जंतर-मंतर पर पहलवानों ने विरोध प्रदर्शन किया था. महिला पहलवानों ने तत्कालीन WFI प्रमुख बृजभूषण पर कई सालों तक यौन उत्पीड़न करने का आरोप लगाया गया था.

सुप्रीम कोर्ट के दखल के बाद दिल्ली पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज की थी. बाद में IPC की धाराओं 354, 354A और 506 के तहत चार्जशीट दाखिल की गई थी.

ये भी पढ़ें: बृजभूषण शरण सिंह बोले- हर महीने गाय पालने में 6 लाख तक घाटा उठाया, गोरक्षा आंदोलन पर दी नई सलाह

मई 2024 में कोर्ट ने बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ आरोप तय किए थे, क्योंकि कोर्ट का मानना ​​था कि आगे बढ़ने के लिए पर्याप्त शुरुआती सबूत मौजूद थे. अदालत में अभियोजन पक्ष ने तर्क दिया कि छह शिकायतकर्ताओं के बयान भरोसेमंद और एक जैसे थे और उनसे यौन उत्पीड़न का आरोप बिना किसी उचित संदेह के साबित होता था.

बचाव पक्ष ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए मामले को मनगढ़ंत और राजनीतिक रूप से प्रेरित बताया. इसके साथ ही, कथित देरी और सबूतों की पुष्टि न होने का हवाला देते हुए बरी करने की मांग की.

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Brij Bhushan Singh, Rouse Avene Court, BJP, Brijbhushan Sharan Singh Latest News
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com