
पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता सिद्धारमैया (Siddaramaiah) ने कहा है कि उनके बारे में पुस्तक 'सिद्दू निजाकानासुंगलू' कर्नाटक विधानसभा चुनाव के पहले उनको अपमानित करने के इरादे से लिखी गई है. उन्होंने इसे पूरी तरह से 'मानहानिकारक' करार दिया है. कर्नाटक विधानसभा में विपक्ष के नेता सिद्धारमैया ने कहा कि वे इसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने पर विचार कर रहे हैं. सूत्रों के मुताबिक, पुस्तक में सिद्धारमैया के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार के कथित कुशासन और उनकी 'तुष्टिकरण की सियासत' पर लिखा गया है. यह कथित तौर पर पूर्व मुख्यमंत्री के कार्यकाल से जुड़े कुछ विवादास्पद और सांप्रदायिक रूप से संवेदनशील मुद्दों और घटनाओं को भी उजागर करती है.
पुस्तक के पीछे भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की भूमिका होने का आरोप लगाते हुए सिद्धारमैया ने कहा, "मैं नहीं जानता, पीलिया वाली आंखों वालों को सब कुछ पीला है. टीपू सुल्तान ( मैसूर साम्राज्य के 18 वीं शताब्दी के शासक टीपू सुल्तान) जैसी ड्रेस किसने पहनी थी और अपने हाथ में तलवार ली थी, यह येदियुरप्पा और शोभा करलांदजे थे. टीपू सुल्तान पर शेख अली की पुस्तक की प्रस्तावना किसने लिखी थी, यह दोहरापन नहीं है?" उन्होंने कहा, "वे चुनाव के पहले, जानबूझकर मुझे अपमानित करने के लिए किताब ला रहे हैं. यह पूरी तरह से अपमानजनक है. मैं देखूंगा कि कानूनी तौर पर क्या किया जा सकता है? " पुस्तक के विमोचन कार्यक्रम के फोटो सोमवार को रखे गए थे जिसमें उन पुस्तकों की प्रतियां दिखाई गई थीं, इनके कवर में सिद्धारमैया की टीपू सुल्तान की तरह ड्रेस पहने और तलवार लिए तस्वीर है.
पोस्टर के अनुसार, कार्यक्रम की अध्यक्षता उच्च शिक्षा मंत्री सीएन अश्वत नारायण करेंगे, जो पुस्तक का विमोचन भी करेंगे. बीजेपी के एमएलसी सी. नारायणस्वामी कार्यक्रम के मुख्य अतिथि होंगे. इसमें लेखक रोहित चक्रतीर्थ भी शामिल होंगे, जिन्होंने पाठ्यपुस्तक समीक्षा समिति की अगुवाई की थी. इसके अलावा पत्रकार संतोष थमैया, विक्रम सामवेद की संपादक वृशंका भट और लेखक व सामाजिक कार्यकर्ता राकेश शेट्टी भी उपस्थित रहेंगे.
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