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एसआईआर: छत्तीसगढ़ में BLO से मारपीट, चुनाव ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों की सुरक्षा पर उठे सवाल

इलेक्शन कमीशन के अनुसार, छत्तीसगढ़ में 2,10,68,201 प्रिंटेड काउंटिंग फॉर्म हैं, जिनमें से 99.61% पहले ही बांटे जा चुके हैं. कुल मिलाकर रिवीजन प्रोसेस के दौरान 1.7738 करोड़ फॉर्म (83.55%) बांटे गए हैं.

एसआईआर: छत्तीसगढ़ में BLO से मारपीट, चुनाव ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों की सुरक्षा पर उठे सवाल

देशभर में इस समय एसआईआर का प्रोसेस चल रहा है. इसी बीच रायपुर के काली माता वार्ड में एक बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) के साथ मारपीट का एक परेशान करने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिसने एसआईआर प्रोसेस के तहत चल रहे वोटर लिस्ट संशोधन काम में लगे अधिकारियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएँ खड़ी कर दी हैं.

महिला ने बीएलओ को पीटा

मिली जानकारी के अनुसार, यह घटना शनिवार को हुई. यह टकराव तब शुरू हुआ जब महिला ने बीएलओ से एसआईआर सत्यापन फॉर्म को उसके घर पर देने की मांग की. जब फॉर्म समय पर नहीं पहुंचा तो उसने अधिकारी को गालियां देना शुरू कर दिया और अंत में उसे मारपीट की. बीच-बचाव करने आए एक व्यक्ति को भी उस महिला ने थप्पड़ मारा. हालांकि, इस गंभीर घटना के बावजूद अभी तक कोई पुलिस शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है.

पहले भी हो चुकी है ऐसी घटना

यह कोई अकेली घटना नहीं है. इससे पहले भी रायपुर के महन्त लक्ष्मी नारायण वार्ड में एक BLO ने एक भाजपा पार्षद पर धमकी देने का आरोप लगाया था.

काम का बोझ और आदिवासी वोटरों की चिंता

इलेक्शन कमीशन के अनुसार, छत्तीसगढ़ में 2,10,68,201 प्रिंटेड काउंटिंग फॉर्म हैं, जिनमें से 99.61% पहले ही बांटे जा चुके हैं. कुल मिलाकर रिवीजन प्रोसेस के दौरान 1.7738 करोड़ फॉर्म (83.55%) बांटे गए हैं, जिससे पता चलता है कि राज्य भर में BLOs पर काम का भारी प्रेशर है.

कोर्ट का रुख

SIR प्रोसेस से जुड़े एक और बड़े डेवलपमेंट में, कोंटा से CPI के पूर्व MLA, मनीष कुंजम ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है, जिसमें उन्होंने चिंता जताई है कि बड़ी संख्या में आदिवासी वोटरों को रोल से हटाया जा सकता है.

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