- उदयनिधि स्टालिन ने तमिलनाडु विधानसभा में सनातन धर्म को खत्म करने की विवादित बात कही
- भाजपा संगठन मंत्री बीएल संतोष ने उदयनिधि स्टालिन के बयान को सनातन धर्म के खिलाफ अनुचित बताया है।
- उदयनिधि स्टालिन के सनातन धर्म के खिलाफ बयान को सुप्रीम कोर्ट ने पहले ही हेट स्पीच माना
तमिलनाडु में नई सरकार का गठन हो गया है. अभिनेता से नेता बने विजय राज्य के नए मुख्यमंत्री बने हैं. नई सरकार के गठन के बाद तमिलनाडु विधानसभा में नेता विपक्ष उदयनिधि स्टालिन सनातन धर्म को लेकर विवादित बयान दिया. उन्होंने कहा कि लोगों को बांटने वाले सनातन को खत्म किया जाना चाहिए. इस बयान पर बीजेपी के संगठन मंत्री बीएल संतोष की प्रतिक्रिया सामने आई है. उन्होंने कहा है सनातन को तो सिकंदर और गजनी भी खत्म नहीं कर पाए. जो व्यक्ति अपने परिवार को ही नहीं समझा सकता वो इसे खत्म करने की बात कर रहा है.
बीएल संतोष ने दी प्रतिक्रिया
बीएल संतोष ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि सिकंदर, गोरी, गज़नी, खिलजी, अंग्रेज, फ्रांसीसी, कम्युनिस्ट कोई भी सनातन को खत्म नहीं कर पाया. अब एक ऐसा व्यक्ति आया है जो अपने ही परिवार को इस बारे में नहीं समझा सकता. भारत और सनातन ने समय और पीढ़ियों की कसौटी को सफलतापूर्वक पार किया है.
Alexander , Ghori , Ghazni , Khilji , British , French , Communists couldn't do it …… & here comes a person who cannot convince his own family about this …!! Bharat & Sanatan have withstood the test of time & generations . https://t.co/BXi23VjE5X
— B L Santhosh (@blsanthosh) May 12, 2026
बीजेपी ने विपक्षी दलों को घेरा
स्टालिन के बयान पर बीजेपी प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कांग्रेस, डीएमके, समाजवादी पार्टी और तृणमूल कांग्रेस को निशाने पर लेते हुए आरोप लगाया कि ये पार्टियां वोट बैंक की राजनीति के लिए सनातन धर्म का अपमान कर रही हैं. शहजाद पूनावाला ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "यह संयोग नहीं, बल्कि वोट बैंक का प्रयोग है. उदयनिधि स्टालिन ने तमिलनाडु विधानसभा में फिर से सनातन धर्म को खत्म करने की बात दोहराई है. इससे पहले भी सुप्रीम कोर्ट ने उनके बयान को हेट स्पीच बताया था, लेकिन कांग्रेस ने उस बयान का समर्थन किया था."
उन्होंने आगे लिखा, "कांग्रेस, टीएमसी, सपा और डीएमके का एक ही प्लान है, वह यह है कि सनातन हिंदू का अपमान और वोट बैंक की दुकान." शहजाद पूनावाला ने एक वीडियो संदेश भी जारी किया, जिसमें उन्होंने कहा कि चुनाव हारने के बाद भी विपक्षी दलों की सोच नहीं बदली है. भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि उदयनिधि स्टालिन ने एक बार फिर सनातन धर्म के उन्मूलन की बात कही है. पहले भी उन्होंने सनातन को खत्म करने की बात कही थी, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने हेट स्पीच बताया था, लेकिन स्टालिन सरकार ने कोई कार्रवाई नहीं की थी, बल्कि उन्हें प्रमोशन देकर डिप्टी सीएम बना दिया गया था.
दरअसल, मंगलवार को तमिलनाडु विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष के रूप में अपने पहले भाषण में उदयनिधि स्टालिन ने कहा, "सनातन धर्म लोगों को बांटता है, इसलिए इसे निश्चित रूप से खत्म किया जाना चाहिए." इससे पहले सितंबर 2023 में भी उदयनिधि स्टालिन ने सनातन धर्म की तुलना डेंगू, मलेरिया और कोरोना जैसी बीमारियों से करते हुए कहा था कि इसे केवल विरोध नहीं बल्कि जड़ से खत्म कर देना चाहिए. उनके उस बयान पर देशभर में भारी विवाद हुआ था.
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