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अमित मालवीय हटे तो सोशल मीडिया पर बदली भाजपा की रणनीति? दिमागी नक्सल से पितृसत्ता तक निशाने पर कांग्रेस

पिछले कुछ दिनों में भाजपा के कई राज्यों के एक्स हैंडल ने एक-दूसरे को कोट, टैग और रिपोस्ट करना शुरू किया. इन संदेशों में मीम, सटायर और ह्मूर को तरजीह दी गई.

अमित मालवीय हटे तो सोशल मीडिया पर बदली भाजपा की रणनीति? दिमागी नक्सल से पितृसत्ता तक निशाने पर कांग्रेस
  • भाजपा ने IT सेल की कमान बदलने के बाद सोशल मीडिया पर कांग्रेस और राहुल के खिलाफ सधे और तालमेल वाले अभियान चलाए
  • नए अभियान में मीम, सटायर और फिल्मों के क्लिप्स का प्रयोग कर कांग्रेस के मुद्दों को नए अंदाज में निशाने पर लिया
  • नितिन नवीन ने आईटी सेल में बड़े बदलाव किए और दीपक म्हास्के को कमान सौंपी, पर पार्टी ने कहा कि रणनीति वही है
नई दिल्ली:

बीते एक हफ्ते में भाजपा ने जिस सधे और नए अंदाज में सोशल मीडिया पर कांग्रेस और राहुल गांधी को निशाने पर लिया है, उसके बाद सवाल उठ रहा है कि क्या आईटी सेल की कमान बदलने के बाद पार्टी ने रणनीति भी बदली है. ‘दिमागी नक्सल' और ‘स्मैश द पेट्रियार्की' के मुद्दों को लेकर जिस तरह से बीजेपी कांग्रेस पर आक्रामक हुई और उसकी राज्य इकाइयों ने आपस में तालमेल करते हुए सोशल मीडिया पर अभियान चलाया उसके बाद कहा जा रहा है कि यह भाजपा की नई रणनीति है.

दरअसल, पिछले कुछ दिनों में भाजपा के कई राज्यों के एक्स हैंडल ने एक-दूसरे को कोट, टैग और रिपोस्ट करना शुरू किया. इन संदेशों में मीम, सटायर और ह्मूर को तरजीह दी गई. बॉलीवुड और हॉलीवुड फिल्मों के क्लिप्स के साथ नए अंदाज में कांग्रेस और राहुल गांधी को निशाने पर लिया गया. राज्यों के भाजपा हैंडल्स ने एक दूसरे के साथ समन्वय किया. इसके बाद इन संदेशों का सिलसिला चल निकला. समन्वय कर सधे हुए अंदाज में चलाए गए इस अभियान का यह असर हुआ कि एक्स पर स्ट्रॉर्म बना दिया गया. यह आक्रामकता एक लंबे समय बाद दिखाई दी. इसीलिए यह कहा गया कि आई सेल के कमान बदलने के कारण भाजपा की बदली रणनीति का यह असर है. गौरतलब है कि भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने अपनी टीम के गठन में आईटी सेल में बड़े बदलाव किए. भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने इस बदलाव की घोषणा 17 अगस्त को की थी. पिछले 11 वर्षों से आईटी सेल की कमान संभाल रहे अमित मालवीय की जगह दीपक म्हास्के को लाया गया. इसके साथ ही प्रीति गांधी, शिवानंद द्विवेदी, आलोक भट्ट और अरुण यादव को सह-संयोजक बनाया गया है.

हालांकि पार्टी सूत्र इस बात से इनकार करते हैं. उनका कहना है कि सोशल मीडिया को लेकर पार्टी की रणनीति में कोई बदलाव नहीं किया गया है. सोशल मीडिया पर पार्टी की पहुंच और तरीके में कोई बदलाव नहीं हुआ है. यह स्पष्ट कर दिया गया है कि पार्टी का कोर बिलीफ सिस्टम नहीं बदलेगा. चलती हुई व्यवस्था में कोई परिवर्तन नहीं होगा. यह कहा गया है कि पद्धति में नवाचार हो सकता है लेकिन चलती व्यवस्था और उसके कोर में कोई परिवर्तन नहीं होगा. पार्टी सूत्रों के अनुसार यह व्यवस्था लंबे समय चल कर विकसित हुई है और संस्थागत रूप ले चुकी है. आईटी सेल किसी व्यक्ति विशेष की परछाई नहीं है बल्कि पार्टी की सोच को प्रतिबंबित करती है. नए पदाधिकारियों को यह स्पष्ट रूप से बताया गया है कि चलती व्यवस्था मजबूत है, दृढ़ है, इसमें नवाचार कीजिए.

दरअसल, 15 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले से पहली बार ‘दिमागी नक्सल' शब्द का उपयोग किया था. इसके बाद केरल कांग्रेस ने इस पर प्रश्न उठाते हुए कुछ ट्वीट किए थे. इसके बाद यह तय किया गया था कि भाजपा आक्रामक ढंग से इसका जवाब देगी. इसके लिए राज्य इकाइयों से तालमेल कर अभियान चलाने का फैसला किया गया. एक-दूसरे अकाउंट से जोड़ा गया. टैग किया गया. रिपोस्ट किया गया. दिलचस्प और सधे हुए अंदाज में जवाब देने का फैसला किया गया. भाजपा की राज्य इकाइयों ने एक-दूसरे के अकाउंट से जवाब दिए. धीरे-धीरे इसने एक ऑर्गेनिक अभियान की शक्ल ले ली. यह आपस में चर्चा कर तय किया गया था जिसे सोशल मीडिया खासतौर से एक्स पर लागू किया गया. 

भाजपा का जोर इंस्टाग्राम आदि पर है, लेकिन वह राजनीतिक विमर्श के मुख्य प्लेटफॉर्म एक्स को विरोधियों के लिए खाली नहीं छोड़ना चाहती है. इसीलिए इस अभियान को एक्स पर बड़े पैमाने पर चलाने का फैसला किया गया. इसी बीच राहुल गांधी ने पुणे में ‘स्मैश द पेट्रियार्की' का नारा दिया. लिहाजा इस राष्ट्रव्यापी अभियान में इस मुद्दे पर भी कांग्रेस और खासतौर से राहुल गांधी को एक्सपोज करने का फैसला किया गया. मीम आदि के माध्यम से राहुल गांधी और कांग्रेस के महिला अधिकारों के बारे में दोहरे मानदंडों को एक्सपोज किया गया. इसमें भी सभी राज्य इकाइयों को शामिल किया गया.

भाजपा सूत्रों के अनुसार ऐसा नहीं है कि पार्टी ने पहली बार इस रणनीति को अपनाया हो बल्कि भाजपा पिछले एक दशक से ऐसा ही करती आ रही है. इससे पहले भी मीम वगैरह के माध्यम से जवाब दिया जाता रहा है. अभी इसकी चर्चा इसलिए अधिक हो रही है क्योंकि आईटी सेल की कमान में परिवर्तन हुआ है और लोग इससे जोड़ कर देख रहे हैं. एक पार्टी नेता के अनुसार स्थिति के अनुसार पार्टी अपनी रणनीति बनाती है. इस बार यह तय किया गया था कि इसका जोरदार ढंग से जवाब दिया जाए. इस नेता के अनुसार यह मानना कि अमित मालवीय के जाने से पार्टी की आक्रामकता कम हो जाएगी, ऐसा बिल्कुल नहीं है. लेकिन पार्टी आईटी सेल के गठन के समय से ही कुछ दिशानिर्देशों का पालन करती आई है जो आगे भी जारी रहेगा. इसमें महत्वपूर्ण निर्देश यह है कि पार्टी कांग्रेस की तरह निचले स्तर पर जाकर हमले नहीं करेगी. सोशल मीडिया पर बिलो द बेल्ट हमले नहीं होंगे. पार्टी ह्यूमर और सटायर के माध्यम से तीखे अंदाज में विरोधियों पर हमले करेगी लेकिन अमर्यादित ढंग से पोस्ट नहीं होंगे. पार्टी ने अपनी लक्ष्मण रेखा खींची हुई है, जिसका उल्लंघन नहीं होगा. इस गाइडलाइन के बारे में राष्ट्रीय और प्रदेश स्तर की टीमों को जानकारी है. इसीलिए हमेशा इन बातों का ध्यान रखा जाता रहा है और आगे भी रखा जाएगा.

पार्टी सूत्रों ने बताया कि दिमागी नक्सल को लेकर जवाबी अभियान की रूप रेखा कांग्रेस के जवाब के बाद तैयार हो गई थी. धीरे-धीरे इसने व्यापक रूप ले लिया और अब अपना मकसद पूरा करने के बाद इस अभियान को वापस ले लिया जाएगा. चूंकि यह अभियान नई आईटी सेल की घोषणा और उसके कमान संभालने से पहले ही शुरू हो चुका था. इसलिए इसे आईटी सेल के नेतृत्व में बदलाव से नहीं जोड़ा जाना चाहिए. इस अभियान की शुरुआत जम्मू कश्मीर भाजपा के एक्स पोस्ट से हुई थी. इसमें सलमान खान, संजय दत्त और जैकी श्रॉफ एक साथ एक मंच पर दिख रहे हैं. इसमें लिखा गया कि 'तीन भाई, तीनों तबाही?? The worst nightmare for the Dimagi Naxal ecosystem!' इसमें सलमान खान को जम्मू-कश्मीर भाजपा, संजय दत्त को कर्नाटक भाजपा और जैकी श्रॉफ को गोवा भाजपा बताया गया. फिर इसमें मध्य प्रदेश भाजपा भी शामिल हो गई. उसने लिखा 'Hold up… Madhya Pradesh is entering the chat?? तीन भाई? Make it चार, अब तबाही होगी आर-पार!' फिर इसमें दिल्ली भाजपा भी शामिल हो गई. 

इसके बाद यह सिलसिला चल निकला. इसके बाद कल भाजपा के मेन हैंडल ने एक तरह से इस अभियान का ग्रैंड फिनाले करते हुए पोस्ट किया “SHALL WE BEGIN?” इसमें सभी राज्य भाजपा के हैंडल को टैग किया गया. इसमें हॉलीवुड की मशहूर फिल्म 300 का एक दृश्य दिखाया गया है जिसमें भाजपा के नेशनल हैंडल के रूप में राजा लियोनाइड्स पूछ रहे हैं “What lies beneath your feet?” सामने सैनिकों के रूप में राज्य इकाइयों के एक्स हैंडल हैं जो जवाब देते हैं 'मां भारती जो खून से लाल है।' इस पर राजा बोलते हैं कि 'And from this day, we'll tear down the Dimagi Naxal Ecosystem.' इसके बाद सारे सैनिकों के रूप में भाजपा की सभी राज्य इकाइयां जय घोष करती हैं और हुंकार भरते हुए इस आह्वान का समर्थन करती हैं.
 

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