नितिन नबीन का बीजेपी का पूर्णकालिक राष्ट्रीय अध्यक्ष बनना तय माना जा रहा है. वो आज अध्यक्ष के तौर पर नामांकन दाखिल करेंगे. कोई अन्य नामांकन न होने की संभावना को देखते हुए उनका बीजेपी अध्यक्ष बनना महज औपचारिकता रह गई है. बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन जिस कायस्थ जाति से ताल्लुक रखते हैं, उनकी आबादी यूपी और बिहार के अलावा पश्चिम बंगाल में भी अच्छी खासी है.पश्चिम बंगाल में तो 37 वर्षों तक कायस्थ जाति से दो मुख्यमंत्री रहे हैं. इसमें ज्योति बसु 23 साल और चटर्जी 14 वर्षों तक सीएम पद पर रहे हैं.
बंगाल में 27 से 30 लाख आबादी
पश्चिम बंगाल में कायस्थ आबादी करीब 27 से 30 लाख है. बंगाल की कुल हिंदू आबादी में कायस्थ प्रभावशाली जातियों में है. कायस्थ, ब्राह्मण और वैद्य को मिला दें तो ये बंगाल का भ्रदलोक (Bhadralok) समाज का अटूट हिस्सा रहे हैं. कोलकाता, हुगली, हावड़ा और नार्थ 24 परगना जैसे शहरों में कायस्थों की अच्छी खासी आबादी है.इस भद्रलोक समुदाय का वोट बंगाल में 15 से 20 फीसदी तक है.
चार जिलों की 78 सीटों का सियासी गणित
कोलकाता जिले में विधानसभा की 11 सीटें हैं और 2021 में ममता बनर्जी की पार्टी ने सभी सीटें जीती थीं.30 फीसदी वोट पाकर भी भाजपा खाली हाथ रही थी. हुगली जिले में विधानसभा की 18 सीटें हैं, जिनमें 14 टीएमसी और 4 बीजेपी ने पिछली बार जीती थीं.उत्तर 24 परगना जिला बंगाल के सबसे ज्यादा सीटों वाला जिला है, जहां की 33 सीटों में 28 टीएमसी और 5 सीटें ही बीजेपी की झोली में आई थीं. हावड़ा जिले में 16 विधानसभा सीटें हैं और तृणमूल कांग्रेस ने 2021 विधानसभा चुनाव में सारी सीटें जीत ली थीं.
बंगाल में भद्रलोक बड़ा वोटबैंक
बंगाली कायस्थ में कुलीन वर्ग में घोष, बोस, मित्रा और गुहा आते हैं, जो दत्त, डे, धर, नंदी, पाल आदि सरनेम भी लगाते हैं. बंगाल में अंग्रेजों के समय से कायस्थ प्रशासनिक पदों पर, राजस्व,लेखक और जमींदारी से जुड़े रहे हैं. एजुकेशन और सरकारी सेवाओं में कायस्थ समुदाय का दबदबा रहा है.

Nitin Nabin
बंगाल विधानसभा चुनाव में नितिन नबीन का इम्तेहान
बंगाल में ममता बनर्जी की सरकार 15 साल से सत्ता में है,2011, 2016 और फिर 2021 में विधानसभा चुनाव तृणमूल कांग्रेस बड़े अंतर से जीत चुकी है. पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव रिजल्ट 2021 की बात करें तो भाजपा ने 77 सीटें और टीएमसी ने 207 सीटें जीती थीं. जबकि लेफ्ट और कांग्रेस का राज्य से सफाया हो गया था. तृणमूल कांग्रेस इस चुनाव को बंगाली बनाम बाहरी बनाकर भावनात्मक उभार देना चाहती है. ऐसे में नितिन नबीन का बीजेपी अध्यक्ष बनाकर भाजपा कायस्थ वर्ग का इमोशनल कार्ड खेलती नजर आ रही है, जो गेमचेंजर साबित हो सकता है.
बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष की चुनाव प्रक्रिया
- बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष की नामांकन प्रक्रिया 2 बजे प्रारंभ होगी
- नितिन नबीन के पक्ष में दाखिल नामांकन पत्र किए जाएंगे
- चुनाव अधिकारी के लक्ष्मण को नामांकन पत्र सौंपे जाएगे
- भाजपा संसदीय बोर्ड की ओर से एक नामांकन पत्र दिया जाएगा
- जेपी नड्डा, अमित शाह और राजनाथ सिंह ये नामांकन पत्र चुनाव अधिकारी को देंगे
- नामांकन पत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भी हस्ताक्षर भी होंगे
- भाजपा के 32 प्रदेशों से भी 1-1 नामांकन पत्र दिया जाएगा
- हर नामांकन पत्र में प्रस्तावक समेत 20-20 नेताओं के हस्ताक्षर
- अध्यक्ष के लिए नामांकन में 5 राज्यों से कम से कम पांच सेट की जरूरत
- 20 जनवरी को बीजेपी के अध्यक्ष की आधिकारिक घोषणा होगी
नितिन नवीन सबसे युवा भाजपा अध्यक्ष
45 साल के नितिन नबीन भाजपा के सबसे युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष होंगे. अटल बिहारी वाजपेयी 1980 में बीजेपी के पहले अध्यक्ष थे, उसके बाद से 46 सालों में 10 अध्यक्ष बन चुके हैं. इनमें लालकृष्ण आडवाणी तीन बार राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे. जबकि मुरली मनोहर जोशी, कुशाभाऊ ठाकरे, बंगारू लक्ष्मण (तेलंगाना), जन कृष्णमूर्ति (तमिलनाडु), वेंकैया नायडू (आंध्र प्रदेश), राजनाथ सिंह (उत्तर प्रदेश), नितिन गडकरी (महाराष्ट्र), अमित शाह (गुजरात), जेपी नड्डा (हिमाचल प्रदेश) भी लिस्ट में शामिल रहे हैं.
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