नई दिल्ली: लोकसभा में एंटी पेपर लीक बिल पर चर्चा के दौरान बीजेपी सांसद बांसुरी स्वराज ने जेन-जी स्टाइल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ कर दी. वहीं, बीजेपी सांसद तेजस्वी सूर्या ने भी जेन-जी की भाषा में विपक्ष पर हमला बोला है.
सांसद बांसुरी स्वराज ने बिल पर चर्चा के दौरान कहा कि पीएम मोदी ने परीक्षा प्रणाली को 'क्लॉक' (पूरी तरह से ठीक) किया और 'कानूनी समाधान' दिया. दरअसल, "Clock it" एक जेन-जी शब्द है, जिसका इस्तेमाल 'आपने कमाल कर दिया' या 'बिल्कुल सही' कहने के लिए किया जाता है. इस शब्द के साथ अक्सर हाथ का एक खास इशारा भी किया जाता है, जिसमें अंगूठे और बीच वाली उंगली को आपस में मिलाया जाता है.
एंटी पेपर लीक बिल को 'बदलाव लाने वाला संशोधन' बताते हुए बांसुरी स्वराज ने कहा, यह सिर्फ एक जरूरत नहीं, बल्कि आज के दौर की मांग है." उन्होंने कहा कि यह बिल मोदी सरकार की संवेदनशीलता और जिम्मेदार शासन का सबूत है. उन्होंने कहा कि जब किसी प्रतियोगी परीक्षा का प्रश्न-पत्र लीक होता है, तो इससे न केवल छात्र, बल्कि उनके माता-पिता भी प्रभावित होते हैं.
उन्होंने कहा, "पीएम मोदी ने पेपर लीक को 'बड़ा अपराध' बताया है और इसीलिए मैं सदन को भरोसा दिलाना चाहती हूं कि यह प्रधानमंत्री का सिर्फ एक बयान नहीं, बल्कि उनकी सरकार का इरादा है. इसीलिए आज यह संशोधन यहां लाया गया है."
उन्होंने कहा, "इसमें हर राज्य और केंद्र शासित प्रदेश में एक स्पेशल फास्ट ट्रैक बनाने का प्रावधान भी शामिल है." उन्होंने कहा, "यह बिल जांच एजेंसियों को दो महीने के अंदर जांच पूरी करने और फास्ट-ट्रैक अदालतों को तीन महीने के अंदर सुनवाई पूरी करके फैसला सुनाने का निर्देश देता है। इसमें स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर की नियुक्ति का भी प्रावधान है, जिनका एकमात्र काम ऐसे मामलों की पैरवी करना होगा।"
रट्टा मारकर परीक्षा पास करना हमारी शिक्षा व्यवस्था का ढांचा बन गया है: तेजस्वी सूर्या
लोकसभा में एंटी-पेपर लीक विधेयक पर चर्चा के दौरान भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या ने कहा कि परीक्षा व्यवस्था की खामियों की जड़ देश की शिक्षा प्रणाली में है. उन्होंने कहा कि नीट जैसे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी बच्चे आठवीं कक्षा से शुरू कर देते हैं और कई छात्र वर्षों तक कोटा जैसे शहरों में रहकर केवल रट्टा लगाने की संस्कृति का हिस्सा बन जाते हैं. सूर्या ने कहा कि एक दिन की तीन घंटे की परीक्षा से पूरे भविष्य का फैसला होना छात्रों पर भारी दबाव डालता है. उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति इसी व्यवस्था को बदलने, मौलिक सोच को बढ़ावा देने और बहुविषयक शिक्षा प्रणाली लागू करने की दिशा में काम कर रही है.
तेजस्वी सूर्या ने कहा कि देश के युवा राजनीति नहीं, बल्कि समाधान चाहते हैं. उन्होंने कहा कि छात्र इस बात से ज्यादा चिंतित हैं कि आगे की परीक्षाएं निष्पक्ष और पारदर्शी हों. सूर्या ने कहा कि शिक्षा समाज में आगे बढ़ने का सबसे महत्वपूर्ण माध्यम है, खासकर सामान्य परिवारों के बच्चों के लिए, जिनके पास सफलता का यही प्रमुख रास्ता होता है.
उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रणाली में पेपर लीक होना छात्रों के विश्वास के साथ बड़ा धोखा है. नीट पेपर लीक का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे पाप बताया और तत्काल सुधारात्मक कदम उठाए. सीबीआई जांच कराई गई, गिरफ्तारियां हुईं और परीक्षा परिणाम समय पर घोषित किए गए. सूर्या ने कहा कि सरकार ने परीक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने के लिए बड़े सुधार किए हैं और यह विधेयक उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. उन्होंने विपक्ष से भी रचनात्मक सहयोग की अपील की.
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