प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जनसेवा के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर भारतीय जनता पार्टी ने व्यापक जनसंपर्क और सेवा यात्रा शुरू की है. 'वडनगर से वाराणसी: सेवा की एक यात्रा' नाम से चल रहा यह अभियान केवल बाइक रैली नहीं, बल्कि देश के गांवों, कस्बों और शहरों तक सेवा, सामाजिक भागीदारी और जनसंवाद का संदेश पहुंचाने की कोशिश है.
17 सितंबर को शुरू हुई यह यात्रा 7 अक्टूबर तक चलेगी. इसमें 20 अलग-अलग टीमें बाइक से कुल 35,500 किलोमीटर का सफर तय करेंगी. बीजेपी के अनुसार, यह अभियान प्रधानमंत्री मोदी के जीवन में जनसेवा के 25 वर्षों की यात्रा को जन-जुड़ाव और सामाजिक कार्यों के माध्यम से लोगों तक पहुंचाने का प्रयास है.
दूरदराज के गांवों तक बनाई जा रही पहुंच
यात्रा दो दिशाओं में संचालित की जा रही है. कुछ टीमें गुजरात के वडनगर से वाराणसी की ओर बढ़ रही हैं, जबकि अन्य टीमें वाराणसी से वडनगर की तरफ जा रही हैं. इस दौरान देश के विभिन्न राज्यों, जिलों, तालुकाओं और दूरदराज के गांवों तक पहुंच बनाई जा रही है. यात्रा की खास बात यह है कि इसका फोकस केवल यात्रा करना नहीं, बल्कि रास्ते में रुककर सेवा कार्यों को अंजाम देना भी है. सेवा यात्री स्थानीय समुदायों के बीच जाकर उनकी जरूरतों के अनुरूप गतिविधियों में हिस्सा ले रहे हैं.
विभिन्न स्थानों पर तालाबों, मंदिरों, स्कूलों, पार्कों, अस्पतालों और सार्वजनिक स्थलों की सफाई की जा रही है. इसके साथ ही 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत पौधारोपण भी किया जा रहा है.
कई स्थानों पर गौ-सेवा से जुड़े कार्यक्रमों का आयोजन भी किया जा रहा है. शिक्षा के क्षेत्र में भी यात्रा से जुड़े कार्यकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी देखने को मिल रही है. पीएम श्री स्कूलों में सफाई अभियान चलाया जा रहा है, छात्रों से संवाद किया जा रहा है और उन्हें किताबें एवं स्टेशनरी वितरित की जा रही हैं. इसके अलावा अस्पतालों, अनाथालयों और वृद्धाश्रमों में जरूरतमंद लोगों की सहायता की जा रही है.
विधवा महिलाओं को आवश्यक सामग्री वाली किट दी जा रही हैं, जबकि आशा कार्यकर्ताओं को सम्मानित करने के कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं.
कई तरह के कार्यक्रमों का किया जा रहा है आयोजन
यह अभियान सेवा के साथ-साथ जनसंवाद पर भी विशेष जोर दे रहा है. यात्रा के दौरान 'युवा संवाद', 'ग्राम सभा संवाद' और 'महिला संवाद' जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं. इनके माध्यम से लोगों की अपेक्षाओं और स्थानीय जरूरतों को समझने का प्रयास किया जा रहा है. साथ ही केंद्र और राज्य सरकारों की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के बारे में भी जागरूकता फैलाने का काम किया जा रहा है.
यात्रा के दौरान सामाजिक सरोकारों से जुड़े कई अन्य कार्यक्रम भी चलाए जा रहे हैं. लोगों को अंगदान के लिए प्रेरित किया जा रहा है और संकल्प पत्र भरवाए जा रहे हैं. वहीं शहीदों और स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि देकर देशभक्ति और राष्ट्रीय चेतना के संदेश को भी आगे बढ़ाया जा रहा है.
बीजेपी का कहना है कि सेवा, संपर्क, युवा भागीदारी, सामाजिक कल्याण और सांस्कृतिक जुड़ाव को एक मंच पर लाने वाला यह अभियान जमीनी स्तर पर व्यापक सामुदायिक भागीदारी की नई मिसाल पेश कर रहा है. उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन 17 सितंबर से शुरू हुआ 'सेवा संकल्प अभियान' 17 अक्टूबर तक चलेगा, जिसके तहत देशभर में 12 प्रकार के अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं.
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