विज्ञापन

गंडक के तेज बहाव से टूटा चम्पारण तटबंध, कुशीनगर में नारायणी का कहर; पानी बढ़ने से यूपी-बिहार में बाढ़ का खतरा

बिहार और उत्तर प्रदेश में बाढ़ का नया खतरा पैदा हो गया है. पश्चिम चंपारण के बगहा में गंडक नदी के तेज बहाव से चम्पारण तटबंध टूट गया है, जिससे पानी तेजी से रिहायशी इलाकों की ओर बढ़ रहा है. वहीं कुशीनगर में नारायणी नदी के दबाव से तटबंध प्रभावित होने के बाद प्रशासन और आपदा प्रबंधन एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट पर हैं.

गंडक के तेज बहाव से टूटा चम्पारण तटबंध, कुशीनगर में नारायणी का कहर; पानी बढ़ने से यूपी-बिहार में बाढ़ का खतरा
गंडक और नारायणी से बढ़ा खतरा, तटबंध टूटने के बाद गांवों में बाढ़ का डर
NDTV
  • गंडक के तेज बहाव से टूटा चम्पारण तटबंध, गांवों में मची अफरा-तफरी
  • कुशीनगर में नारायणी नदी का कहर, सीएम योगी ने रातभर की मॉनिटरिंग
  • बिहार और यूपी में बाढ़ का खतरा, NDRF-SDRF अलर्ट पर
पटना / लखनऊ:

बिहार और उत्तर प्रदेश के सीमा क्षेत्रों में बाढ़ का खतरा गहराता जा रहा है. पश्चिम चंपारण के बगहा में गंडक नदी के तेज बहाव ने चम्पारण तटबंध को तोड़ दिया है, जिससे पानी तेजी से आबादी वाले इलाकों की ओर बढ़ रहा है. वहीं उत्तर प्रदेश के कुशीनगर में नारायणी नदी का दबाव बढ़ने से देर रात एपी तटबंध टूट गया. दोनों राज्यों में प्रशासन हाई अलर्ट पर है. राहत और बचाव दलों की तैनाती बढ़ा दी गई है और संवेदनशील गांवों के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है.

पश्चिम चंपारण में टूटा चम्पारण तटबंध

बिहार के पश्चिम चंपारण जिले के बगहा क्षेत्र में चखनी रजवटिया पंचायत के खैरटवा गांव के पास सोमवार देर शाम बड़ा हादसा हो गया. गंडक नदी के बढ़ते जलस्तर और तेज दबाव के कारण चम्पारण तटबंध का लगभग 30 मीटर हिस्सा टूट गया. तटबंध टूटते ही नदी का पानी आसपास के निचले इलाकों में तेजी से फैलने लगा. पानी की रफ्तार देखकर ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई और लोग अपने परिवार तथा सामान को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में जुट गए.

नेपाल में भारी बारिश से गंडक नदी का पानी बढ़ा

रिहायशी इलाकों की ओर बढ़ रहा पानी

स्थानीय ग्रामीण लालबाबू यादव और इजहार सिद्दीकी के अनुसार तटबंध टूटने के बाद पानी तेजी से आबादी वाले क्षेत्रों की तरफ बढ़ रहा है. ग्रामीणों को आशंका है कि यदि पानी का दबाव इसी तरह बना रहा तो गंडक नदी का पानी राष्ट्रीय राजमार्ग NH 727 को पार कर आसपास के सैकड़ों गांवों में फैल सकता है. इससे बड़े पैमाने पर जनजीवन प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है.

दो साल पहले भी टूटा था तटबंध

ग्रामीणों का कहना है कि जिस स्थान पर सोमवार को तटबंध टूटा है, उसी क्षेत्र में करीब दो वर्ष पहले भी लगभग 40 मीटर तटबंध क्षतिग्रस्त हुआ था. उस समय मरम्मत कर स्थिति को नियंत्रित कर लिया गया था, लेकिन अब फिर उसी इलाके में तटबंध टूटने से लोगों की चिंता बढ़ गई है. कई गांवों के सामने बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है.

गंडक बराज से पानी छोड़े जाने के बाद बिगड़े हालात

सोमवार सुबह वाल्मीकिनगर स्थित गंडक बराज से 5.43 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया था. इसके बाद नदी के जलस्तर और बहाव में तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई. पानी के बढ़े दबाव के कारण ही देर शाम तटबंध कमजोर पड़ गया और उसका हिस्सा टूट गया.

मौके पर पहुंची जल संसाधन विभाग की टीम

जल संसाधन विभाग के कार्यपालक अभियंता नेमी शरण ने तटबंध टूटने की पुष्टि की है. उन्होंने बताया कि अभियंताओं की टीम मौके पर पहुंचकर स्थिति का आकलन कर रही है. साथ ही पानी को आबादी वाले क्षेत्रों में जाने से रोकने और कटाव पर नियंत्रण पाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं.

कुशीनगर में नारायणी नदी का बढ़ा खतरा

उधर उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले में भी देर रात नारायणी नदी ने कहर बरपाया. ततवा टोला के पास एपी तटबंध टूटने से कई गांवों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया. तटबंध टूटने की जानकारी मिलते ही प्रशासनिक तंत्र पूरी तरह सक्रिय हो गया. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए राहत एवं बचाव कार्य तुरंत शुरू कर दिया गया.

मुख्यमंत्री योगी ने ली पल-पल की जानकारी

कुशीनगर में तटबंध टूटने की सूचना मिलने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ देर रात सक्रिय हो गए. मुख्यमंत्री ने गोरखपुर मंडल के कमिश्नर, एडीजी और कुशीनगर के जिलाधिकारी से पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जानकारी ली. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रभावित ग्रामीणों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाए.

NDRF-SDRF को राहत अभियान के निर्देश

मुख्यमंत्री के निर्देश पर प्रशासन, पुलिस और आपदा प्रबंधन विभाग की टीमें मौके पर तैनात कर दी गईं. साथ ही एनडीआरएफ और एसडीआरएफ को व्यापक स्तर पर राहत एवं बचाव अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं. प्रभावित गांवों में लगातार निगरानी रखी जा रही है और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया जा रहा है.

यह भी पढ़ें : बाराबंकी में सरयू का कहर: नदी में समाई 150 साल पुरानी मस्जिद और 35 मकान, मंदिर के मुहाने पर पहुंचा पानी- सदमे में ग्रामीण

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Bihar Flood News, UP Flood, Gandak River, Narayani River, Flood Situation In Bihar
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com