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This Article is From Jul 31, 2017

बिहार में शराब कंपनियों को सुप्रीम कोर्ट से झटका, स्टॉक हटाने के लिए और समय देने से इनकार

कोर्ट ने कहा है कि अब और वक्त नहीं मिलेगा, शराब स्टाक को नष्ट किया जाए. आज स्टॉक हटाने की समयसीमा समाप्त हो रही है.

बिहार में शराब कंपनियों को सुप्रीम कोर्ट से झटका, स्टॉक हटाने के लिए और समय देने से इनकार
बिहार में शराब कंपनियों को स्टॉक हटाने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने और वक्त देने से किया मना
  • स्टॉक खत्म करने की मियाद आज खत्म हो रही है
  • कंपनियों ने मांगा था 31 अक्टूबर तक का वक्त
  • कोर्ट ने कहा- कंपनियां स्टॉक को नष्ट करें
नई दिल्ली: शराब कंपनियों को सुप्रीम कोर्ट से झटका लगा है. 200 करोड़ की शराब के स्टॉक को बिहार से हटाने के लिए और वक्त देने से इनकार कर दिया है. कोर्ट ने कहा है कि अब और वक्त नहीं मिलेगा, शराब स्टाक को नष्ट किया जाए. आज स्टॉक हटाने की समयसीमा समाप्त हो रही है. शराब कंपनियों ने सुप्रीम कोर्ट से 31 अक्टूबर तक का वक्त और मांगा था.

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29 मई को सुप्रीम कोर्ट ने सरकार के विरोध के बावजूद बिहार के गोदामों में रखी शराब निकालने के लिए 31 जुलाई तक की वक्त दिया था. बिहार सरकार की ओर से पेश वकील केशव मोहन ने अर्जी का विरोध करते हुए कहा था कि सरकार के 31 गोदामों में कराब 2 करोड 80 लाख बोतलें रखी गई हैं, जिनमें से सिर्फ 10 लाख बोतलें ही निकाली गई हैं. इस शराब के स्टॉक की सुरक्षा के लिए सरकार का हर महीने एक करोड़ रुपये खर्च हो रहा है.

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राज्य में शराब रखी होने की वजह से कानून व्यवस्था के खराब होने की आशंका है,लेकिन कोर्ट ने बिहार सरकार से कहा था कि जब शराब सरकार की सुरक्षा में है तो फिर ये बाहर कैसे बिकेगी. कोर्ट ने कंपनियों से कहा था कि इसके बाद और वक्त नहीं मिलेगा. वहीं कंपनियों का कहना था कि कंपनियों ने शराब को दूसरे राज्यों को भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है.
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आशीष कुमार भार्गव
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