- असम प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष भूपेन बोरा ने पार्टी से इस्तीफा दिया और कांग्रेस नेतृत्व को चिट्ठी लिखी.
- बोरा ने असम कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई पर पाकिस्तान कनेक्शन से जुड़े आरोपों का जवाब न देने का आरोप लगाया है.
- सांसद रकीबुल हुसैन पर असम कांग्रेस के प्रदेश संगठन को नियंत्रित करने और विरोधी कार्रवाई का आरोप लगाया गया है.
विधानसभा चुनाव से ठीक पहले पार्टी से इस्तीफा देने वाले असम प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष भूपेन बोरा की कांग्रेस अध्यक्ष खरगे और राहुल गांधी को लिखी चिट्ठी एनडीटीवी के हाथ लगी है. इस चिट्ठी से बहुत हद तक साफ हो जाता है कि बोरा का अगला सियासी कदम क्या होगा? तीन पन्ने के अपने इस्तीफे में बोरा ने असम कांग्रेस के वर्तमान अध्यक्ष गौरव गोगोई पर “पाकिस्तान कनेक्शन” को लेकर बीजेपी द्वारा लगाए जा रहे आरोपों का जिक्र किया है.
बोरा ने कहा कि गौरव गोगोई के पाकिस्तान दौरे की गोपनीयता ने गोगोई को सवालों के घेरे में डाल दिया है. मैंने उनसे तत्काल आरोपों का जवाब दे कर शक दूर करने को कहा था. लेकिन इसमें हिचकिचाहट से लोगों की आशंका बढ़ गई है. बोरा ने आगे कहा कि पाकिस्तान कनेक्शन को लेकर लग रहे गंभीर आरोपों पर गौरव गोगोई की तरफ से स्पष्ट जवाब नहीं दिए जाने से कांग्रेस की छवि को काफ़ी नुकसान पहुंचा है.
भूपेन बोरा के निशाने परसांसद रकीबुल हुसैन
इस्तीफ़े में भूपेन बोरा ने सांसद रकीबुल हुसैन को भी निशाने पर लिया है. बोरा के मुताबिक असम में धारणा बन रही है कि कांग्रेस की प्रदेश इकाई को रकीबुल हुसैन चला रहे हैं. इसे ऊपरी असम की बहुसंख्यक आबादी नापसंद कर रही है. बोरा ने यह आरोप भी लगाया है रकीबुल हुसैन ने उन्हें प्रदेश अध्यक्ष के पद से हटाने के लिए हस्ताक्षर अभियान चलाया था.
बोरा ने कहा कि इससे पहले प्रदेश अध्यक्ष रहते हुए पंचायत चुनाव और बेहाली विधानसभा उप चुनाव के दौरान उम्मीदवार चयन में उन्हें दरकिनार किया गया. बोरा के मुताबिक संगठन को लेकर उनकी मिहनत और अनुशासन को भुला दिया गया है. पार्टी से जुड़े मामलों को लेकर वरिष्ठ नेता के तौर पर भी उनके साथ चर्चा नहीं की जाती. ऐसे में वो आत्मसम्मान के साथ समझौता नहीं कर सकते.
सूत्रों का मानना है कि बोरा इस्तीफ़ा वापस नहीं लेंगे
सोमवार को बोरा के इस्तीफे की बात सामने आने के बाद राहुल गांधी ने बोरा को फ़ोन किया और प्रभारी भंवर जितेंद्र सिंह उन्हें मानने घर तक गए. जितेन्द्र सिंह ने दावा किया कि बोरा ने इस्तीफ़ा वापस ले लिया है. हालांकि बोरा ने विचार करने के लिए एक दिन का वक़्त मांगा है लेकिन उनके करीबी सूत्रों का मानना है कि बोरा इस्तीफ़ा वापस नहीं लेंगे.
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