- बीएससी वीडियो परीक्षा में धांधली के आरोप में भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र के दो कर्मचारी गिरफ्तार
- रौशन कुमार ने AEDO परीक्षा पास कराने के लिए परीक्षार्थी श्वेता कुमारी से 25 लाख रुपये में सौदा किया था
- आरोपी बायोमेट्रिक एजेंसी के कर्मचारियों के साथ मिलकर फर्जी आईडी कार्ड बनवाकर परीक्षा केंद्र में घुसे थे
बीएससी वीडियो परीक्षा में धांधली के दो आरोपियों को आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार आरोपियों में भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र (BARC), मुंबई में टेक्नीशियन के पद पर कार्यरत रौशन कुमार और आकाश कुमार शामिल हैं. आकाश पिछले 4-5 वर्षों से सॉल्वर गैंग से जुड़ा हुआ है. रौशन ने एक परीक्षार्थी श्वेता कुमारी को AEDO की परीक्षा पास कराने के लिए 25 लाख रुपये में सौदा किया था. इसके लिए उसने बायोमेट्रिक सुपरवाइजर, बायोमेट्रिक एजेंसी के जिला समन्वयक (डिस्ट्रिक्ट कोऑर्डिनेटर) और आकाश के साथ मिलकर योजना बनाई.
बायोमेट्रिक एजेंसी के कर्मचारियों से की थी सांठगांठ
आकाश और रौशन ने बायोमेट्रिक एजेंसी के कर्मचारियों की मिलीभगत से एजेंसी का फर्जी आईडी कार्ड बनवाया. इस फर्जी आईडी कार्ड के जरिए चंदन और राहुल नाम के दो लोगों को परीक्षा केंद्र में प्रवेश दिलाया गया. दोनों ने कमरा संख्या 25 में बैठी श्वेता को आंसर-की उपलब्ध करा दी. श्वेता ने उसी आंसर-की को अपनी उत्तर पुस्तिका में उतार लिया. आकाश खुद भी इस परीक्षा में परीक्षार्थी था. उसका सेंटर मोतिहारी में था, जहां उसने बायोमेट्रिक स्टाफ से सेटिंग की. इसके बाद वह भागलपुर गया और वहां कई परीक्षार्थियों को ब्लूटूथ के जरिए उत्तर लिखवाए.
नीट समेत दर्जनों परीक्षाओं में की है गड़बड़ी
आकाश पिछले 4-5 वर्षों में कई भर्ती परीक्षाओं में धांधली करा चुका है. उसने मद्य निषेध विभाग की 14 और 18 जुलाई को आयोजित परीक्षा में भी सेटिंग कराई थी. नीट-2023 परीक्षा में फर्जी तरीके से स्कॉलर बैठाए गए थे. अमीन बहाली परीक्षा में भी दो परीक्षार्थियों की सेटिंग कराई गई थी. इसके अलावा झारखंड CGL परीक्षा में भी सेटिंग के सबूत मिले हैं. जांच में बिहार की कई अन्य परीक्षाओं में गड़बड़ी के भी प्रमाण सामने आए हैं.
परीक्षार्थियों ने पैसे नहीं दिए तो अपहरण की साजिश रची
आर्थिक अपराध इकाई के वरीय अधिकारियों के मुताबिक, बिहार तकनीकी सेवा आयोग द्वारा आयोजित अमीन बहाली परीक्षा में रौशन और आकाश ने मिलकर दो परीक्षार्थियों की सेटिंग कराई थी. दोनों परीक्षार्थी परीक्षा पास कर गए, लेकिन उनके ऊपर साढ़े तीन लाख रुपये बकाया थे. इस राशि की वसूली के लिए गैंग के सदस्यों ने परीक्षार्थियों के अपहरण की भी साजिश रची थी.
BPSC द्वारा आयोजित AEDO परीक्षा में धांधली के आरोप में अब तक छह लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है. दोनों आरोपियों से पूछताछ में आर्थिक अपराध इकाई को कई अहम सुराग मिले हैं, जिनके आधार पर जांच आगे बढ़ रही है.
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