Jharkhand student protest: झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी और पेपर लीक को लेकर छात्र आंदोलन कर रहे हैं. आज आंदोलन का 14वां दिन है. इस बीच NDTV ने JPSC प्रोटेस्ट में आए एक दिव्यांग उम्मीदवार से बात की. दिव्यांग उम्मीदवार ने कहा कि मैंने खूब मेहनत की है. मेरे को साफ नहीं दिखाई नहीं देता है. टीचर ब्लैक बोर्ड में क्या लिखते हैं, वो दिखता नहीं था. 10वीं और 12वीं क्लास की पढ़ाई टीचर की बात सुनकर और दोस्तों की मदद से पूरी की. इसी तरह से अपनी ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की. मेरे को लगा कि मैं टीचर की नौकरी अच्छे से कर सकता हूं. इसलिए मैंने इसकी तैयारी शुरू कर दी. B.ED की पढ़ाई की.... जब नौकरी निकली तो अप्लाई किया.
आयोग को यही नहीं पता विकलांग कौन है
दिव्यांग उम्मीदवार ने आगे कहा, मेरा 75 प्रतिशत disability था. मैंने अपने आरक्षण के तहत फॉर्म भरा था. लेकिन जब जेपीएससी मेरिट बनाती है तो 40 प्रतिशत disability वालों का नाम कैसे आ जाता है लिस्ट में. जेपीएससी ये ही तय नहीं कर पाता है कि आखिर 40 प्रतिशत और 75 प्रतिशत वाले में से विकलांग कौन है.
उन्होंने आगे कहा, सरकार ऐसे निमय क्यों नहीं बनाती है कि जो 40 प्रतिशत विकलांगता वाले होते हैं, डॉक्टर उनको चेक करे. दिव्यांग की जांच के लिए डॉक्टर होना चाहिए. ताकि डॉक्टर ये पता लगा सके की वो सच बोल रहा है कि नहीं. अगर ऐसे चलता रहा तो हम दिव्यांग कभी भी मेरिट में नहीं आ सकेंगे. अगर मेरी नौकरी नहीं लगेगी तो हम क्या करेंगे. हमारे लिए आसान रास्ता टीचर बनना या अधिकारी बनना है, हम ओर कोई काम कैसे कर सकते हैं.
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