बद्रीनाथ धाम के कपाट खुल गए हैं. मंदिर का द्वार सुबह 6.15 मिनट पर खोला गया. इस दौरान भगवान बद्री विशाल का दरबार फूलों से सजा दिखा. भगवान बद्री विशाल के कपाट खुलते ही सबसे पहले माता लक्ष्मी को उनके मंदिर में विराजमान किया गया. इसके अलावा दक्षिण द्वार से कुबेर और उद्धव जी की मूर्ति मंदिर परिसर के अंदर प्रवेश कराई गई. उद्धव और कुबेर जी गर्भगृह में विराजमान हो गए हैं और माता लक्ष्मी अपने मंदिर में विराजमान हो गई है.
#WATCH | Uttarakhand: The portals of Badrinath Dham opened for devotees at 6:15 AM this morning. pic.twitter.com/je4005T6lp
— ANI (@ANI) April 23, 2026
भक्तों में भारी उत्साह
मंदिर के कपाट खुलने से भक्तों में उत्साह है. ANI से बात करते हुए एक भक्त ने कहा, "हमें उम्मीद है कि हमें भगवान बद्रीनाथ के अच्छे दर्शन होंगे...हमने भक्तों के लिए 'भंडारा' भी रखा है." वहीं एक और भक्त ने कहा, "देश और दुनिया भर से भक्त भगवान बद्रीनाथ के दर्शन के लिए आ रहे हैं...भक्तों में बहुत उत्साह है."
प्रवेश के लिए नए नियम
2026 से चार धाम यात्रा में नए नियमों की शुरुआत हुई है. केदारनाथ, बद्रीनाथ और गंगोत्री सहित कुछ तीर्थ स्थलों पर प्रवेश प्रतिबंध लागू किए गए हैं, जहां गैर-हिंदुओं को प्रवेश के लिए विशेष शर्तों का सामना करना पड़ सकता है, जबकि यमुनात्री में सभी धर्मों के आगंतुकों को इजाजत है. अधिकारियों ने मंदिर परिसर के अंदर मोबाइल फोन और कैमरों पर सख्त प्रतिबंध लगा दिया है, ताकि तीर्थयात्री अपने अनुभव के दौरान पूरी तरह से एकाग्र रहें.
सीएम धामी ने किया ट्वीट
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा, "आज, पूरे रीति-रिवाजों और वैदिक मंत्रों के उच्चारण के साथ, पवित्र बद्रीनाथ धाम, यानी धरती के वैकुंठ के द्वार भक्तों के लिए खोल दिए जाएंगे. भगवान बद्रीनाथ विशाल की कृपा सभी भक्तों के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि लाए. यह पवित्र अवसर सभी के लिए आध्यात्मिक ऊर्जा, विश्वास और एक अच्छी शुरुआत का संदेश लाए. पवित्र चार धाम यात्रा 2026 के लिए आप सभी का हार्दिक स्वागत और बधाई."
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