अयोध्या राम मंदिर कथित चंदा चोरी मामले को लेकर विवाद कम होने का नाम नहीं ले रहा. इस बीच फैजाबाद बार एसोसिएशन के वकीलों ने सोमवार को कहा कि वे कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे. उनका आरोप है कि पुलिस ने राम मंदिर दान में हेराफेरी के मामले में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय और ट्रस्ट के पूर्व सदस्यों अनिल मिश्रा और गोपाल राव के खिलाफ FIR दर्ज करने से इनकार कर दिया. वकीलों का दावा है कि 2 जुलाई को राम जन्मभूमि पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराने के बावजूद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज करने से मना कर दिया.
'पुलिस ने दर्ज नहीं की FIR'
फैजाबाद बार एसोसिएशन के सदस्य आफताब खान ने कहा, 'हमने पुलिस को राय, मिश्रा और राव के खिलाफ FIR दर्ज करने के लिए दो हफ्ते का समय दिया था. आज फैजाबाद बार एसोसिएशन का एक प्रतिनिधिमंडल FIR के सिलसिले में पुलिस स्टेशन गया. वहां के अधिकारियों ने हमें बताया कि FIR दर्ज नहीं की गई है और उन्होंने हमें जानकारी दी कि उन्होंने शिकायत को अपने वरिष्ठ अधिकारियों के पास भेज दिया है.'
आफताब खान, चंपत राय,अनिल मिश्रा और राव के खिलाफ केस लड़ने के लिए वकीलों की बनाई गई 21 सदस्यीय समिति के सदस्य भी हैं. उन्होंने कहा, 'हमारा प्रतिनिधिमंडल अपनी मांग को लेकर अयोध्या के SSP से भी मिला. लेकिन उन्होंने कहा कि FIR दर्ज नहीं की गई है.' उन्होंने आगे कहा कि अब हम कोर्ट जाएंगे और राय, मिश्रा और राव के खिलाफ FIR दर्ज करवाएंगे.
वकीलों ने आरोपियों का केस न लड़ने का किया फैसला
फैजाबाद बार एसोसिएशन ने एक आम बैठक में राम मंदिर मामले के आरोपियों का केस न लड़ने का फैसला किया था. यह भी आदेश दिया गया कि अगर कोई सदस्य आरोपियों का केस लड़ने की कोशिश करता है, तो उस पर 5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा और उसे एसोसिएशन से निकाल दिया जाएगा.
2 जुलाई को फैजाबाद बार एसोसिएशन के वकीलों ने विरोध मार्च निकाला और दान के पैसे में कथित हेराफेरी को लेकर चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव के खिलाफ FIR दर्ज कराने के लिए शिकायत सौंपी.
एसोसिएशन के अध्यक्ष कालिका प्रसाद मिश्रा ने बताया कि इस मामले में पहली FIR के शिकायतकर्ता और एक अन्य ट्रस्टी, कृष्ण मोहन का नाम भी वकीलों की शिकायत में आरोपी के तौर पर शामिल किया गया है. शिकायत सौंपने से पहले वकीलों ने जिला अदालत परिसर से राम जन्मभूमि पुलिस स्टेशन तक मार्च किया और मांग की कि मामला दर्ज किया जाए और आरोपों की निष्पक्ष जांच हो.
बता दें कि राम मंदिर में दान की चोरी के मामले में नाम आने के बाद, चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव के इस्तीफे 27 जून को ट्रस्ट ने स्वीकार कर लिए.
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