- कांग्रेस नेता गौरव गोगोई ने बोरदोलोई के भाजपा में शामिल होने को उनका निजी निर्णय बताया है.
- बोरदोलोई ने कांग्रेस के सभी पदों और सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है और इस्तीफे में पार्टी को अलविदा कहा है.
- बोरदोलोई डिब्रूगढ़ लोकसभा क्षेत्र से सांसद हैं और उन्होंने 2019, 2024 के चुनाव कांग्रेस के टिकट पर जीते थे.
कांग्रेस नेता गौरव गोगोई ने बोरदोलोई के BJP में शामिल होने पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सिर्फ दो साल पहले कांग्रेस ने उन्हें नगांव लोकसभा सीट से चुनाव लड़ने का अवसर दिया था और जनता ने उन्हें सांसद चुनकर भेजा. इसी दौरान कांग्रेस ने उनके परिवार के एक अन्य सदस्य को विधानसभा चुनाव लड़ने का मौका भी दिया, जिससे बोरदोलोई परिवार को एक ही समय में लोकसभा और विधानसभा—दोनों स्तरों पर प्रतिनिधित्व मिला. इसके बावजूद उन्होंने पार्टी छोड़ने का जो फैसला लिया, वह उनका निजी निर्णय है.
गौरव गोगोई के अनुसार, यह चुनाव किसी एक व्यक्ति के आने-जाने से बड़ा है. यह चुनाव असम को हिमंत बिस्वा सरमा के “चंगुल” से मुक्त कराने और उनकी “डर और धमकाने वाली राजनीति” से राज्य को आजाद कराने का संघर्ष है.
बता दें कि बोरदोलोई ने पिछले दिनों पार्टी के सभी पदों, विशेषाधिकारों और प्राइमरी सदस्यता से इस्तीफा देते हुए अपना पत्र कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को भेजा था. उन्होंने इस्तीफे में लिखा, "बहुत दुख के साथ मैं कांग्रेस के सभी पदों, खास अधिकारों और प्राथमिक सदस्यता से अपना इस्तीफा दे रहा हूं." पत्र में शुभकामनाएं देते हुए उन्होंने पार्टी को अलविदा कहा.
बोरदोलोई असम के डिब्रूगढ़ लोकसभा क्षेत्र से सांसद हैं. उन्होंने 2019 और 2024 के लोकसभा चुनावों में कांग्रेस के टिकट पर जीत हासिल की थी. डिब्रूगढ़ एक महत्वपूर्ण औद्योगिक और चाय उत्पादन क्षेत्र है, जहां भाजपा की मजबूत पकड़ रही है. वे जल्द ही भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर सकते हैं और पार्टी की असम इकाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं. यह घटना कांग्रेस के लिए असम में बड़ा झटका मानी जा रही है, जहां पार्टी पहले से ही संगठनात्मक कमजोरी और आंतरिक कलह से जूझ रही है.
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