विज्ञापन
This Article is From Dec 05, 2019

अयोध्या मामले पर असदुद्दीन ओवैसी बोले- मेरी लड़ाई 5 एकड़ की नहीं, मस्जिद की है

सुप्रीम कोर्ट ने 9 नवंबर को अयोध्या मामले पर ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए विवादित 2.77 एकड़ भूमि को रामलला विराजमान को दे दी. वहीं मस्जिद बनाने के लिए पांच एकड़ जमीन सुन्नी वक्फ बोर्ड को भी देने का आदेश दिया है.

असदुद्दीन औवेसी ने कहा, ''5 एकड़ जमीन दे देना फैसला नहीं है.''
  • भीख मांगकर भी बना सकता हूं मस्जिद: असदुद्दीन ओवैसी
  • असदुद्दीन ओवैसी बोले- ये सिर्फ जमाीन का मसला नहीं
  • 9 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट ने सुनाया है अयोध्या मामले पर आया फैसला
नई दिल्ली:

लोकसभा सांसद और एआईएमआईएम के प्रमुख असदुद्दीन औवेसी (Asaduddin Owaisi) ने एनडीटीवी से खास बातचीत में अयोध्या मामले (Ayodhya Case) को लेकर अपने विचार रखे. उन्होंने इस मामले में पुनर्विचार याचिका डालने को लेकरकहा कि संविधान उन्हें इस बात का अधिकार देता है इसलिए पुनर्विचार याचिका डाली जा रही है. सबरीमला मामले में भी डाली गई थी. ओवैसी ने कहा, '' जब सुप्रीम कोर्ट अपने जजमेंट में कहता है कि 1949 में मूर्तियां रख दी गईं.  6 दिसंबर 1992 को ढांचा गिराए जाने की घटना को वह अपराध करार देता है. 1934 में हुए दंगों को अपराध बताता है. तो ये जगह हिंदुओं को कैसे मिल सकती है?''

Exclusive: नागरिकता बिल पर बोले ओवैसी- मुसलमानों को डिटेंशन सेंटर में डालना चाहती है सरकार

ओवैसी ने कहा कि बीजेपी आरएसएस खुद बाबर के समय को सांप्रदायिक तौर पर बेहद क्रूर मानते हैं. ऐसे में कैसे संभव है कि वहां मस्जिद में नमाज की इजाजत नहीं दी गई होगी. उन्होंने कहा कि मुझे विश्वास है राजीव धवन इस मामले को मजबूती से सुप्रीम कोर्ट के सामने रखेंगे. 

उन्होंने कहा कि 5 एकड़ दे देना फैसला नहीं है. मुसलमान भले ही गरीब हो लेकिन इतना कमजोर नहीं कि 5 एकड़ जमीन न मिले तो मस्जिद नहीं बना सकता. उन्होंने कहा कि अभी अगर में बिहार के सबसे पिछड़े इलाके सीमांचल में जाकर भी मैं भीख मांगूगा तो 2 घंटे में पैसे मिल जाएंगे और मस्जिद बना लूंगा. ओवैसी ने कहा कि मेंरी लड़ाई पांच एकड़ की लड़ाई नहीं थी, मेरी लड़ाई मेरी मस्जिद की लड़ाई थी. 

क्या आपने पीठ पीछे BJP से हाथ मिला रखे हैं? पूछने पर बोले ओवैसी ने दिया ये जवाब

बता दें सुप्रीम कोर्ट ने 9 नवंबर को अयोध्या मामले पर ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए विवादित 2.77 एकड़ भूमि को रामलला विराजमान को दे दी. पांच न्यायाधीशों वाली पीठ ने मस्जिद बनाने के लिए पांच एकड़ जमीन सुन्नी वक्फ बोर्ड को भी देने का आदेश दिया.वहीं ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड और जमीयत उलेमा-ए-हिंद (अरशद मदनी गुट) ने शीर्ष अदालत के फैसले के खिलाफ पुनर्विचार याचिका दायर करने का निर्णय किया है.


 

लेखक के बारे में
img
मनोरंजन भारती
पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Asaduddin Owaisi, Ayodhya Case
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com