- एंटी पेपर लीक बिल अब कानून बन गया है, जिसके तहत दोषियों को दस साल तक की जेल और भारी जुर्माना हो सकता है.
- नए कानून में पेपर लीक की जांच के लिए दो महीने की समयसीमा और स्पेशल टास्क फोर्स गठित करने का प्रावधान है.
- पेपर लीक के कारण परीक्षाओं का पुनः आयोजन हुआ तो उसका खर्च भी दोषियों से वसूल किया जाएगा.
एंटी पेपर लीक बिल (पब्लिक एग्जामिनेशंस (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) अमेंडमेंट बिल) अब कानून बन चुका है. इस कानून के तहत अब भारत में पेपर लीक करने वाले आरोपियों को 10 साल की जेल से लेकर 10 करोड़ तक के जुर्माने की सजा मिल सकती है. साथ ही जांच एजेंसी को दो महीने की तय समयसीमा के भीतर पेपर लीक के मामलों की जांच करनी होगी. बीते कुछ दिनों से चल रहे भारी विरोध के बाद इस बिल को पहले लोकसभा और राज्यसभा से पास करवाया गया था. अब देर रात राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बिल को मंजूरी दे दी है. इसके साथ ही ये कानून अब लागू हो गया है. इस कानून के लागू होने के बाद देश भर के बच्चों की निगाह इस पर है. क्योंकि ये कानून सिर्फ पेपर लीक के रोकथाम के लिये नहीं बल्कि पेपर लीक के दोषियों पर सख्त कार्यवाही के लेकर भी जाना जाएगा.
NEET पेपर लीक के बाद देश के कई राज्यों में बच्चों और विपक्ष के प्रदर्शन हो रहे थे. जिसमें विपक्ष और बच्चों की मांग थी कि सरकार शिक्षा नीति में कोई बदलाव करें, जिससे आने वाले दिनों में पेपर लीक न हो सके. पेपर लीक करने वालों पर कड़ी कार्रवाई हो. इसी कड़ी में सरकार हरकत में आई और इस बिल को पहले लोकसभा और राज्यसभा में पास करवाया. अब इसे देर रात राष्ट्रपति मुर्मू ने मंजूरी दे दी है.
नए पेपर लीक कानून में क्या क्या प्रावधान
- देश में एंटी पेपर लीक कानून 2026 लागू हो गया है. इस कानून के तहत अगर कोई भी अपराधी पेपर लीक में शामिल पाया जाता है तो उसके ऊपर 5 साल से 10 साल तक की जेल पर सख्त सजा का प्रावधान है. वही जुर्माने की अधिकतम सीमा भी 10 करोड़ तक तय की गई है.
- अब संगठित तरीके से पेपर लीक कराने या नकल गिरोह चलाने वालों को अब अधिकतम 10 साल तक की जेल की सजा हो सकती है. बिल में जुर्माना भी बढ़ा दिया गया है. अब पेपर लीक के दोषियों पर अधिकतम 10 करोड़ रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकेगा.
- यही नहीं, अगर पेपर लीक के कारण री-एग्जाम करानी पड़ा तो उसका पूरा खर्च भी दोषियों से वसूला जा सकेगा.
- एआई की मदद से नकल करना, परीक्षा प्रणाली को हैक करना, ऑनलाइन पेपर सेंड करना और साइबर फ्रॉड भी इस कानून के दायरे में आएगा. परीक्षा कराने वाली एजेंसी, सर्विस प्रोवाइडर, तकनीकी कंपनी या किसी अधिकारी की मिलीभगत सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई होगी.
- रकम 10 लाख से बढ़कर 50 लाख कर दी गयी है. इसके साथ जिस कंपनी पर पेपर करने की जिम्मेदारी है, धांधली होने पर उस पर भी 5 करोड़ तक जुर्माना लगाने का प्रावधान इस बिल में है.
STF बनाने का अधिकार, दो महीने में पूरी करनी होगी जांच
पेपर लीक मामलों की जांच के लिए केंद्र सरकार को स्पेशल टास्क फोर्स (STF) गठित करने का अधिकार होगा . इसके साथ ही पुलिस, CBI या STF को तय समय यानी 2 महीने में जांच पूरी करनी पर फोकस किया गया है.
पीएम मोदी ने कहा- पेपर लीक गैंग को बख्शा नहीं जाएगा
पेपर लीक से जुड़े संशोधन बिल के पास होने के बाद PM नरेंद्र मोदी ने वीडियो संदेश जारी कर साफ कहा कि देश के बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले पेपर माफिया और लीक गैंग को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा. सख्त से सख्त कार्रवाई होगी. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने राज्यसभा में कहा कि NEET पेपर लीक और गंभीर गड़बड़ियों के आरोपों से घिरा रहा है.
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