- तमिलनाडु बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष अन्नामलाई ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है.
- अब वो तमिलनाडु में ‘राष्ट्रवादी-तमिल दर्शन’ आधारित गैर-राजनीतिक आंदोलन की शुरुआत करेंगे.
- बीजेपी छोड़ने से पहले अन्नामलाई बीते मंगलवार को दिल्ली में अमित शाह से भी मिले थे.
Annamalai Quits BJP: तमिलनाडु BJP के पूर्व अध्यक्ष के. अन्नामलाई ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है. भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने अन्नामलाई का इस्तीफा भी मंजूर कर लिया है. अन्नामलाई बीते कुछ महीनों से पार्टी से नाराज चल रहे थे. हालांकि उनकी विदाई बेहद सम्मानजनक तरीके से हुई है. आम तौर पर इस कद को नेता सोशल मीडिया मंच या चिट्ठी लिखकर पार्टी छोड़ देता है. लेकिन अन्नामलाई ने पार्टी छोड़ने से पहले दिल्ली का दौरा किया. जहां उनकी अमित शाह सहित बीजेपी के अन्य केंद्रीय नेताओं से मुलाकात हुई. इस मुलाकात के दौरान भी उनके इस्तीफे के कारणों की चर्चा हुई. अब आधिकारिक रूप से उन्होंने बीजेपी छोड़ दिया है. पार्टी ने उनका इस्तीफा भी स्वीकार कर लिया है.
मंगलवार को अमित शाह से दिल्ली में मिले थे अन्नामलाई
मालूम हो कि अन्नामलााई मंगलवार को दिल्ली में गृहमंत्री अमित शाह से मिले थे. तब उन्होंने पार्टी छोड़ने की वजह बताई थी. बताया जा रहा है कि अन्नामलाई अपनी नई पार्टी शुरू कर सकते हैं. अन्नामलाई के इस्तीफे के बारे में एक सूत्र ने NDTV को बताया, "उन्हें (अन्नामलाई को) लगता है कि भाजपा में उनके लिए कोई अवसर और भविष्य नहीं है." अन्नामलाई बीजेपी से साल 2021 में जुड़े थे. अब अन्नामलाई ने बीजेपी से सम्मानजनक विदाई का रास्ता चुना.
तमिलनाडु में बीजेपी को मजबूत करने का श्रेय
41 वर्षीय अन्नामलाई पहले से ही "वी द लीडर्स" नामक संस्था चला रहे हैं, जो संभवतः उनकी राजनीतिक योजना में तब्दील हो सकती है. अन्नामलाई ने खाकी वर्दी छोड़ राजनीति में कदम रखा था. बीजेपी को भी उनमें काफी स्पार्क नजर आया, जिसकी वजह से उन पर काफी जिम्मेदारी सौंपी गई थी. तमिलनाडु में बीजेपी की पकड़ को मजबूत करने का श्रेय अन्नामलाई को जाता है. उनके नेतृत्व में 2019 के लोकसभा चुनावों में मात्र 3.66 प्रतिशत मतदान से भाजपा का मतदान प्रतिशत 2024 में बढ़कर 11 प्रतिशत हो गया.

अन्नामलाई का बीजेपी से इस्तीफा.
गैर राजनीतिक आंदोलन की शुरुआत करेंगे अन्नामलाई
अन्नामलाई के करीबी सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बीजेपी से इस्तीफा देने के बाद अब वो तमिलनाडु में ‘राष्ट्रवादी-तमिल दर्शन' आधारित गैर-राजनीतिक आंदोलन की शुरुआत करेंगे. जिसे बाद में जनभावनाओं के आधार पर राजनीतिक दल में बदला जा सकता है. बात अन्नामलाई की अगली तैयारी की करें तो अन्नामलाई 7 जून को अपने कोर समर्थकों के साथ बैठक करेंगे. इसके बाद आगे की रणनीति का ऐलान कर सकते हैं.
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