अंकिता मर्डर केस में मां का फूटा गुस्सा- बोलीं- आखिरी बार चेहरा भी नहीं देख पाई

अंकिता के एक स्कूल के दोस्त विवेक नेगी ने एनडीटीवी को बताया : "अंकिता अपने भविष्य और अपने करियर को लेकर काफी उत्साहित थी. साथ ही उसकी तमन्ना थी कि वो अपने परिवार को सपोर्ट कर सकें.

अंकिता हत्याकांड को लेकर उत्तराखंड में प्रशासन में हड़कंप मचा है. परिवार ने अंकिता की हत्या को लेकर शासन-प्रशासन पर ये बड़े सवाल उठाए हैं. इस बीच अस्पताल भर्ती अंकिता भंडारी की मां का ग़ुस्सा फूटा है.  मुझे बीमार बताकर अस्पताल में भर्ती करवा दिया गया. उन्होंने अस्पताल से घर रवाना होने से पहले कहा कि मुझे गांव से लाए लेकिन मेरी बेटी का चेहरा नहीं दिखाया. इतनी क्या जल्दी थी. पूरे घटनाक्रम को मुझसे छिपाया गया और वो अंतिम बार बेटी का चेहरा नहीं देख पाईं.. वहीं इस मुद्दे पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि दोषियों को बख़्शा नहीं जाएगा और फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई करवाएंगे. साथ ही उन्होंने कहा कि सबूत मिटाने की बात गलत है.  

अंकिता के एक स्कूल के दोस्त विवेक नेगी ने एनडीटीवी को बताया कि अंकिता अपने भविष्य और अपने करियर को लेकर काफी उत्साहित थी. साथ ही उसकी तमन्ना थी कि वो अपने परिवार को सपोर्ट कर सकें." विवेक ने कहा कि अंकिता भी एक साधारण लड़की थी जो ज्यादा बातूनी नहीं थी. अंकिता अपने काम और अपने परिवार के सपोर्ट में रहने पर फोकस किया. लड़की के गृहनगर पौड़ी के लोग अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए सैकड़ों की संख्या में पहुंचे. एक महिला ने कहा कि उन्होंने एक महिला को मार डाला, जो एक अच्छा जीवन यापन करना चाहती थी, अंतिम संस्कार में जुटे कई लोगों ने पुलिस और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की. कुछ महिलाओं ने कहा कि जब तक हत्यारों को फांसी नहीं दी जाती, वे वहीं डटी रहेंगी.

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बता दें कि जिन पर अंकिता की हत्या का आरोप है वह पूर्व बीजेपी नेता और पूर्व मंत्री विनोद आर्य का बेटा पुलकित आर्य है. वह रिजॉर्ट का मालिक है. पुलिस आर्य, रिजॉर्ट के मैनेजर सौरभ भास्कर और एक कर्मचारी अंकित गुप्ता पर अंकिता की हत्या करने का आरोप लगा है.  आज तीनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया जाएगा. पुलिस तीनों आरोपियों की रिमांड की मांग करेगी. वहीं इसके साथ ही आज अंकिता भंडारी के पोस्टमार्टम की विस्तृत रिपोर्ट भी आ सकती है. कल प्राथमिक रिपोर्ट में अंकिता के शरीर पर चोट के निशान की बात सामने आई थी. इस बीच श्रीनगर में अंकित की मां की तबीयत बिगड़ गई थी. आज पुलिस ने अंकिता की मां की अस्पताल से छुट्टी करवाकर पूरे परिवार को उनके गांव ले गई है. आज पौड़ी के एसडीएम भी अंकिता के गांव जाएंगे. खबर है कि पीड़ित परिवार को आर्थिक मदद का ऐलान किया जा सकता है.