आंध्र प्रदेश के कड़पा शहर में हनुमान जयंती के उत्सव से पहले माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया है. एक चौराहे के नामकरण को लेकर शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गया. दो समुदायों के बीच हुई इस भिड़ंत में पत्थर, लाठियां और बोतलें जमकर चलीं. इस हिंसा को काबू करने पहुंचे तालुख सर्कल इंस्पेक्टर (CI) नरसिम्हा राजू के सिर पर गंभीर चोट आई है, जबकि कई पुलिसकर्मी और युवक घायल हुए हैं.
'हनुमान सर्कल' बनाम 'टीपू सुल्तान सर्कल'
पूरे विवाद की शुरुआत 10 मई को होने वाले हनुमान जयंती समारोहों की तैयारियों के साथ हुई. उत्सव के आयोजकों ने एक चौराहे पर 'हनुमान सर्कल' के नाम वाले फ्लेक्स और बैनर लगा दिए थे. इसी बात पर दूसरे पक्ष ने कड़ा ऐतराज जताया. उनका दावा है कि यह चौराहा पहले से ही 'टीपू सुल्तान सर्कल' के नाम से जाना जाता है.
विवाद तब और गहरा गया जब किसी ने कथित तौर पर इन बैनरों के ऊपर स्टिकर चिपका दिए. इसके बाद दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई. देखते ही देखते विवाद ने मजहबी रंग ले लिया और इलाके में भारी भीड़ जमा होने लगी.

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मैदान-ए-जंग बना इलाका
तनाव उस वक्त चरम पर पहुंच गया जब दक्षिणपंथी समूहों के समर्थकों ने कथित तौर पर चौराहे पर हनुमान जी की एक बड़ी प्रतिमा स्थापित करने की कोशिश की. इसके विरोध में दूसरा पक्ष भी सड़कों पर उतर आया. दोनों तरफ से उग्र नारेबाजी शुरू हुई और फिर अचानक पथराव होने लगा. उपद्रवियों ने एक-दूसरे पर ईंटें, कांच की बोतलें और डंडे बरसाने शुरू कर दिए. इसके बाद इलाके में भगदड़ मच गई और आम लोगों के बीच दहशत फैल गई.

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चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात
हालात को बेकाबू होते देख पुलिस ने लाठीचार्ज किया और भीड़ को खदेड़ा. फिलहाल अलमासपेट और उसके आसपास के संवेदनशील इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि स्थिति अभी नियंत्रण में है, लेकिन तनाव बरकरार है. उपद्रवियों की पहचान करने के लिए सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं.
प्रशासन ने एहतियात के तौर पर अलमासपेट सर्कल के आसपास निषेधाज्ञा (धारा 144 जैसे प्रतिबंध) लागू कर दी है. पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर किसी भी तरह की अफवाह या भड़काऊ पोस्ट साझा न करें. आगामी हनुमान जयंती कार्यक्रमों को देखते हुए शहर में सुरक्षा के विशेष पुख्ता इंतजाम किए गए हैं.
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