- नारायण मूर्ति ने कहा कि मानव मस्तिष्क की बराबरी कोई मशीन नहीं कर सकती और AI को वरदान माना गया
- सुंदर पिचाई ने बताया कि AI भारत की अर्थव्यवस्था और जीवन स्तर में क्रांतिकारी बदलाव लाएगा
- पूर्व ब्रिटिश प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने AI को वैश्विक विकास का सबसे बड़ा इंजन और भारत का सुपरपावर बताया
इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026 के दौरान बुधवार को भारत और दुनिया के बड़े टेक लीडर्स ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर अपने-अपने विचार साझा किए. जहां इंफोसिस के फाउंडर नारायण मूर्ति ने कहा कि मानव मस्तिष्क की बराबरी कोई मशीन नहीं कर सकती, वहीं Google के सीईओ सुंदर पिचाई ने भारत को AI के क्षेत्र में 'ग्लोबल लीडर' बनने की क्षमता वाला देश बताया. इसी दौरान NDTV India AI Summit में ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री ऋषि सुनक और OpenAI के वरिष्ठ अधिकारी क्रिस लेहेन ने जिम्मेदार और सुरक्षित एआई विकास पर जोर दिया.
नारायण मूर्ति: 'मानव मस्तिष्क ही सर्वोच्च है'
दिल्ली विश्वविद्यालय के ‘लीडर्स टॉक' कार्यक्रम में एन.आर. नारायण मूर्ति ने स्पष्ट कहा कि AI चाहे कितना भी आगे बढ़ जाए, मनुष्य की क्षमताओं की जगह नहीं ले सकता. मूर्ति ने कहा कि मानव मस्तिष्क से श्रेष्ठ कुछ भी नहीं है. साथ ही नारायण मूर्ति ने AI को खतरे के बजाय उसे एक वरदान बताया. युवाओं के लिए कौशल विकास और सीखने की क्षमता को सबसे बड़ा निवेश बताया.
सुंदर पिचाई: 'AI भारत की अर्थव्यवस्था और जीवन स्तर बदल देगा'
भारत मंडपम में आयोजित इंडिया AI इम्पैक्ट समिट में Google CEO सुंदर पिचाई ने कहा कि AI भारत के लिए ऐतिहासिक अवसर लेकर आया है. पिचाई ने कहा कि भारत डिजिटल पेमेंट और डेटा एक्सेस में दुनिया का मॉडल बन चुका है. एआई से स्वास्थ्य, कृषि और शिक्षा में बड़े बदलाव होंगे. पिचाई के मुताबिक भारत AI के क्षेत्र में दुनिया को लीड कर सकता है. गूगल डीपमाइंड के CEO डेमिस हसाबिस और शोध प्रमुख जेम्स मनयिका भी मौजूद रहे.
ऋषि सुनक: 'AI देशों की तस्वीर बदलने की ताकत रखता है'
ITC मौर्या में NDTV India AI Summit के दौरान पूर्व ब्रिटिश प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने एआई को वैश्विक विकास का सबसे बड़ा इंजन बताया. सुनक ने AI के जिम्मेदार उपयोग की जरूरत पर जोर दिया. ऋषि सुनक ने कहा कि भारत AI का 'सुपरपावर' बन सकता है. साथ ही ऋषि सुनक ने बताया कि वह अपने घर में भी कई कामों में AI का उपयोग करते हैं.
ये भी पढ़ें :- 10 साल पहले नहीं था बैंक खाता, अब कर रहे UPI पेमेंट... मेक्रों ने बताया कैसे बदल रहा भारत
OpenAI के क्रिस लेहेन: 'AI बेकाबू नहीं होगा, सुरक्षा हमारी पहली प्राथमिकता'
NDTV के सेशन में OpenAI के ग्लोबल अफेयर्स चीफ क्रिस लेहेन ने एआई को लेकर फैलती आशंकाओं पर बात की. लेहेन ने कहा कि फिल्मों की तरह AI के बेकाबू होने का खतरा वास्तविक जीवन में बहुत कम है. किसी भी मॉडल को जारी करने से पहले उसकी सुरक्षा जांच कई स्तरों पर की जाती है. सैम ऑल्टमैन के अनुसार, समाज को भी एआई युग के लिए तैयार होना चाहिए.
भारत में चल रहे AI समिट ने आज यह साफ कर दिया कि तकनीक का भविष्य सिर्फ नवाचार नहीं, बल्कि मानव कौशल, सुरक्षा और वैश्विक सहयोग के संतुलन पर टिका है.
ये भी पढ़ें :- 'AI को चंद देश या अरबपति कंट्रोल नहीं कर सकते': AI इम्पैक्ट समिट में बोले UN चीफ गुटेरेस
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं