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ईरान छोड़कर निकल जाएं... विदेश मंत्रालय ने भारतीयों को फिर से दी सलाह, हालात पर कही ये बात

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने साप्ताहिक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि भारतीय नागरिकों को अगले आदेश तक ईरान की किसी भी प्रकार की यात्रा से बचना चाहिए.

ईरान छोड़कर निकल जाएं... विदेश मंत्रालय ने भारतीयों को फिर से दी सलाह, हालात पर कही ये बात

ईरान के मौजूदा हालात को देखते हुए भारत सरकार ने अपने नागरिकों के लिए एक बार फिर से एडवाइजरी जारी की है. भारतीय विदेश मंत्रालय ने एक बार फिर से ईरान में मौजूद सभी भारतीय नागरिकों को देश छोड़ने की सलाह दी है.  

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने वीकली प्रेस ब्रीफिंग में बताया कि फिलहाल ईरान में करीब 9 हजार भारतीय नागरिक रह रहे हैं. इनमें छात्र, बिजनेसमैन, प्रोफेशनल्स, तीर्थयात्री और समुद्री यात्री शामिल हैं. 

जायसवाल ने आगे कहा कि ईरान के मौजूदा हालात को देखते हुए हमने कुछ एडवाइजरी जारी की हैं. भारतीय नागरिकों को अगले आदेश तक ईरान की किसी भी प्रकार की यात्रा से बचना चाहिए. इसके अलावा उन्होंने कहा कि ईरान में जो भी भारतीय नागरिक मौजूद हैं, वो उपलब्ध कमर्शियल फ्लाइट या अन्य साधनों का इस्तेमाल करके जल्द से जल्द वहां से निकल जाएं. 

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भारत सरकार ने ईरान में बदलते हालात और सुरक्षा जोखिम को ध्यान में रखते हुए ये सलाह दी है. प्रवक्ता ने स्पष्ट किया है कि भारत सरकार ईरान में बदलते हालात पर पैनी नजर रख रही है. अपने लोगों की भलाई के लिए जो भी जरूरी कदम होगा, हम उठाएंगे.

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने ईरान के रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण चाबहार बंदरगाह को लेकर भी सवाल का जवाब दिया. उन्होंने कहा कि अमेरिका के ट्रेजरी विभाग ने पिछले साल 28 अक्टूबर को एक लेटर जारी किया था, जिसमें चाबहार प्रोजेक्ट के लिए प्रतिबंधों में सशर्त छूट को 26 अप्रैल 2026 तक बढ़ाने का जिक्र किया गया था. भारत इस व्यवस्था को सुचारू रूप से लागू करने के लिए अमेरिकी पक्ष के साथ लगातार संपर्क में है.

गौरतलब है कि चाबहार बंदरगाह भारत के लिए मध्य एशिया तक पहुंचने का एक महत्वपूर्ण द्वार है. ऐसे में मौजूदा ईरान में मौजूदा उथलपुथल के बीच भी भारत इस प्रोजेक्ट को सुरक्षित रखने के लिए कूटनीतिक प्रयास कर रहा है. सरकार की प्राथमिकता एक तरफ अपने नागरिकों को बचाना है तो दूसरी तरफ दीर्घकालिक रणनीतिक हितों की रक्षा करना भी है.

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