बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की प्रमुख मायावती के भतीजे आकाश आनंद ने फिर से बसपा के साथ काम करने की इच्छा जताई है. यह इच्छा उन्होंने एक सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए जताई है. इस पोस्ट में बसपा के पूर्व राष्ट्रीय संयोजक ने पार्टी सुप्रीमो मायावती को संबोधित करते हुए अपना रुख स्पष्ट किया है. उन्होंने कहा है कि उनके किसी दूसरे राजनीतिक दल में जाने की खबरें और अफवाहें पूरी तरह गलत हैं. वह न तो किसी अन्य दल में जा रहे हैं और न ही भविष्य में ऐसा करेंगे. आकाश आनंद ने कहा कि बसपा उनके लिए सिर्फ एक राजनीतिक दल नहीं बल्कि उनका परिवार है.
आकाश आनंद ने किसे बताया है अपना राजनीतिक गुरु
मायावती को संबोधित अपने संदेश में आकाश आनंद ने कहा,''परम आदरणीय बहन जी, आप मेरी राजनैतिक गुरु हैं, मेरी प्रेरणा हैं और मेरी बुआ मां भी हैं.'' उन्होंने कहा कि राजनीति में उन्होंने जो कुछ सीखा है, वह मायावती से ही सीखा और जो भी राजनीतिक भूमिका निभाई, वह उनके मार्गदर्शन में निभाई है. आकाश आनंद ने कहा कि वह अपनी बात सीधे मायावती और पूरे बहुजन समाज के सामने रखना चाहते हैं.
उन्होंने कहा कि पिछले कुछ दिनों से मीडिया और सोशल मीडिया में उनके बारे में कई तरह की खबरें और अफवाहें चल रही हैं. इन पर स्थिति स्पष्ट करते हुए उन्होंने कहा कि वह किसी दूसरे राजनीतिक दल में शामिल नहीं हो रहे हैं. उन्होंने लिखा है, ''बीएसपी मेरे लिए सिर्फ एक पार्टी नहीं, मेरा परिवार है.'' आकाश आनंद ने मायावती के उस फैसले का भी समर्थन किया है, जिसके तहत उनके ससुर अशोक सिद्धार्थ को पार्टी से बाहर किया गया और उनके राजनीति से संन्यास लेने के फैसले को स्वीकार किया गया.

ससुर को बसपा से निकालने के फैसले का किया स्वागत
उन्होंने कहा है कि मायावती का यह फैसला पूरी तरह उचित है और वह इस फैसले के साथ खड़े हैं. उन्होंने लिखा है कि रिश्ते अपनी जगह हैं, लेकिन पार्टी और बहुजन आंदोलन का हित उनसे बड़ा है. व्यक्तिगत और पारिवारिक हितों से ऊपर पार्टी और आंदोलन के हित को रखना उनकी जिम्मेदारी है.
आकाश आनंद ने अपने सोशल मीडिया से दूरी बनाने के दौरान मायावती की ओर से किए गए एक पोस्ट को रिपोस्ट नहीं करने को लेकर भी सफाई दी है. उन्होंने लिखा है कि उस समय वह खुद सोशल मीडिया से दूर थे, इसलिए मायावती के पोस्ट को रिपोस्ट नहीं कर सके. उनकी इस चुप्पी को अलग तरीके से समझा गया. इससे कई तरह की अफवाहों को जगह मिली.
उन्होंने कहा है कि यदि उनकी इस चुप्पी से मायावती को ठेस पहुंची है तो वह इसके लिए उनसे क्षमा मांगते हैं. आकाश आनंद ने अपने संदेश में मायावती के नेतृत्व में फिर से पार्टी और बहुजन मिशन की सेवा करने की इच्छा जताई है. उन्होंने लिखा है कि वह केवल उनके नेतृत्व में पार्टी और मिशन के लिए काम करने का अवसर चाहते हैं. उन्होंने कहा, ''विश्वास शब्दों से नहीं, काम से बनता है और मैं उसे अपने आचरण और अपनी मेहनत से इसे साबित करुंगा.''
आकाश आनंद ने अपनी पोस्ट का अंत बसपा और बहुजन आंदोलन के मूल वैचारिक संदर्भों के साथ किया है. उन्होंने लिखा है कि बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर का मिशन, मान्यवर कांशीराम का रास्ता और मायावती का नेतृत्व ही उनकी राजनीति है. उन्होंने अंत में लिखा है,''जय भीम.जय बसपा.''
बसपा से कब निकाले गए थे आकाश आनंद
मायावती ने आकाश आनंद को कई बार उनके पद से हटाया और बिठाया था. पहले उन्हें अपरिपक्व बता कर पद से हटाया गया तो बाद में उन्हें अपने ससुर अशोक सिद्धार्थ के प्रभाव में काम करने का आरोप लगाकर. यह भी आरोप लगाया गया कि आकाश आनंद अपने ससुर के साथ मिलकर पार्टी को हड़पना चाहते हैं. मायावती ने 10 सितंबर को उन्हें पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया था. इससे पहले तीन सितंबर को उन्हें पार्टी के सभी पदों से हटा दिया गया था. इसकी जानकारी मायावती ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में दी थी.
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